
दोनों किरदार कानून के दो अलग-अलग पक्षों पर खड़े हैं, जिससे उनकी प्रतिद्वंद्विता और भी दिलचस्प हो जाती है। जिशु सेनगुप्ता के साथ अपने किरदार के टकराव के बारे में शिबोप्रसाद मुखर्जी ने कहा, “टीजर को मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स के लिए हम बेहद आभारी हैं। एक मिलियन व्यूज पार करना बेहद उत्साहजनक है। जिशु और मेरे किरदारों के बीच दुश्मनी भरी प्रतिद्वंद्विता है, क्योंकि हम कानून के दो अलग-अलग पक्षों पर खड़े हैं। वह एक निडर और सख्त पुलिस अधिकारी हैं, जबकि मैं ऐसे कुख्यात डाकू का किरदार निभा रहा हूं, जो अपने बनाए नियमों के हिसाब से चलता है।
दोनों के बीच संघर्ष बेहद तीव्र, अप्रत्याशित और व्यक्तिगत है।”उन्होंने कहा कि इन दोनों किरदारों को आमने-सामने लाना उनके लिए बेहद रोमांचक अनुभव रहा है और उन्हें उम्मीद है कि दर्शकों को यह थ्रिलर पसंद आएगी। फिल्म में बंगाल की लोक संस्कृति को भी खास महत्व दिया गया है। पहली फिल्म की तरह इस बार भी लोक कलाकार कहानी का अहम हिस्सा हैं। मालदा के गम्भीरा लोक कलाकारों की भागीदारी फिल्म को विशेष सांस्कृतिक रंग देती है। उनके पारंपरिक गीत, मुखौटे और प्रस्तुतियां बंगाल की लोक परंपराओं को कहानी से जोड़ती हैं।
टीजर से संकेत मिलता है कि फिल्म का संसार पहले भाग की तुलना में कहीं बड़ा है, लेकिन इसकी जड़ें बंगाल की मिट्टी और संस्कृति से जुड़ी हुई हैं। फिल्म में जबरदस्त एक्शन और टकराव के साथ बंगाल की जीवंत लोक परंपराओं को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया है। ‘बोहुरूपी- द गोल्डन डाकू’ में शिबोप्रसाद मुखर्जी, जिशु सेनगुप्ता, कौशानी मुखर्जी और सोहिनी सरकार मुख्य भूमिकाओं में हैं।
फिल्म का निर्देशन नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी ने किया है तथा इसका निर्माण विंडोज़ प्रोडक्शन के बैनर तले किया गया है। फिल्म दुर्गा पूजा के अवसर पर 15 अक्टूबर 2026 को रिलीज होगी। फिल्म की शूटिंग 96 लोकेशंस पर की गई है और इसमें करीब 2,500 कलाकारों ने हिस्सा लिया है। बिक्रम प्रमाणिक की वापसी, जिशु सेनगुप्ता के किरदार के साथ उसका टकराव और बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि ‘बोहुरूपी- द गोल्डन डाकू’ को इस पूजा की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल कर रही है।
