नयी दिल्ली, 23 जून (वार्ता) सरकार भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) की एक प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) ला रही है।
निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने मंगलवार को बताया कि गैर-खुदरा निवेशकों के लिए आईआरएफसी का ओएफएस बुधवार को खुलेगा जबकि खुदरा निवेशक गुरुवार को बोली लगा सकेंगे। सरकार ने मूल रूप से एक प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा है, हालांकि ज्यादा बोली मिलने की स्थिति में अतिरिक्त एक प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी रखा गया है। इस प्रकार सरकार अधिकतम दो प्रतिशत हिस्सेदार बेच सकती है।
रेल मंत्रालय के अधीनस्थ नवरत्न सार्वजनिक कंपनी आईआरएफसी रेलवे की परियोजनाओं का वित्त पोषण करती है। कंपनी में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 31 मार्च 2026 को 84.65 प्रतिशत थी।
कंपनी का शेयर मंगलवार को 2.16 प्रतिशत गिरकर 98.69 रुपये पर बंद हुआ।
सरकार ने इस महीने सामान्य बीमा कंपनी जेनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन और इंडिया की पांच प्रतिशत, खनन कंपनी एनएलसी इंडिया की तीन प्रतिशत और एनएचपीसी इंडिया की छह प्रतिशत हिस्सेदारी ओएफएस के तहत बेची है।
इससे पहले, मई में कोल इंडिया की दो प्रतिशत और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की आठ प्रतिशत हिस्सेदारी ओएफएस के जरिये बेची गयी थी।
