भोपाल की तर्ज पर इंदौर में भी 90 डिग्री का बन रहा ब्रिज

इंदौर. भोपाल के बाद अब इंदौर में भी पीडब्ल्यूडी करिश्मा करते हुए 90 डिग्री एंगल का ब्रिज बना रहा है. यह ब्रिज लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन के बाहर एमआर-4 सड़क पर बनाया जा रहा है. खास बात यह है कि सिंहस्थ 2016 के फंड से बनी एमआर-4 सड़क पर ही पीडब्ल्यूडी ने ब्रिज के पीलर खड़े कर दिए, जबकि सड़क के पास अतिरिक्त जमीन उपलब्ध है.

पीडब्ल्यूडी द्वारा रेलवे ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है, जो 80 से 90 डिग्री एंगल को दर्शा रहा है. इसके पहले पीडब्ल्यूडी भोपाल में यह करिश्मा कर चुका है और वहां 90 डिग्री एंगल का ब्रिज बनाया है. शहर के जनप्रतिनिधि और विकास का गुणगान करने वाले अधिकारियों की नजर भी उक्त ब्रिज पर नहीं गई. पीडब्ल्यूडी द्वारा सिर्फ गलत ब्रिज ही नहीं बनाया जा रहा है, बल्कि करोड़ों की सड़क का नुकसान भी कर दिया है.

मुख्य कैरेज वे पर आरओबी के पीलर बना दिए

पीडब्ल्यूडी ने अदूरदर्शिता का परिचय देते हुए एमआर-4 सड़क के एक तरफ के मुख्य कैरेज वे पर आरओबी के पीलर बना दिए. इतना ही नही ब्रिज का रेलवे गेट की तरफ मुड़ने के लिए वर्तमान में 90 डिग्री का टर्न बनने वाला है, इसका अंदाजा मौके पर खड़े पीलर को देखकर लगाया जा सकता है. भागीरथपुरा के बाहर से एमआर-4 सड़क से ब्रिज शुरू हुआ है और रेलवे क्रॉसिंग के बाद दूसरी तरफ उतार दिया गया है.

भुजा ही गलत बना दी

जानकारों द्वारा बताया जाता है कि ब्रिज की भुजा ही गलत बना दी है ठेकेदार कंपनी ने. पीडब्ल्यूडी के इंदौर अधीक्षण यंत्री से लेकर भोपाल में बैठे मुख्य अधीक्षण यंत्री को इसकी खबर नहीं है, ऐसा नहीं है. सब एक दूसरे की गलती निकालने में लगे रहेंगे, लेकिन कोई मौके पर जाकर समस्या का निराकरण नहीं करेगा. सवाल है कि ब्रिज का निर्माण रोककर गलत निर्माण सही करने की कोशिश और दोषी पर कारवाई कौन करेगा?

इनका कहना है…

इस बारे में पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री परमानंद पांडेय ने कहा कि उक्त ब्रिज सेल मेरे प्रभार में नहीं है. पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री गुरमीत कौर ने कहा कि इस बारे में मौके पर जाकर देखने के बाद ही कुछ कहूंगी. मुझे ज्वाइन किए सिर्फ पांच दिन ही हुए है.

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