
बालाघाट। जनपद पंचायत कटंगी के अंतर्गत ग्राम पंचायत जरामोहगांव में सोमवार दोपहर प्रकृति ने ऐसा कहर बरपाया कि दो पशुपालक परिवारों की पूरी आजीविका ही छिन गई दोपहर करीब 2 बजे अचानक मौसम बदलने के बाद तेज गर्जना और बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से चार दुधारू भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई।
एक झटके में उजड़ गई दो परिवारों की गृहस्थी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत मवेशियों में पशुपालक होमेंद्र पटले तथा रमेश पटले पिता मनोराम पटले की दुधारू भैंसें शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ये मवेशी ही दोनों परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन थे। दूध बेचकर ही घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और कर्ज की किस्त चुकाई जाती थी। एक साथ चार भैंसों की मौत से दोनों परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित रमेश पटले ने रोते हुए बताया: “साहब, 80-80 हजार की दो भैंसें थीं। बैंक से लोन लेकर ली थीं। रोज 15-20 लीटर दूध होता था। अब न दूध है, न कमाई। कर्ज कैसे चुकाऊंगा? बच्चों को क्या खिलाऊंगा?”
मौके पर पहुंचीं जनपद सदस्य, दिलाया भरोसा
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय जनपद सदस्य प्रतिनिधि शारदा डहरवाल मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। उन्होंने तत्काल स्थानीय पशु चिकित्सालय एवं प्रशासनिक अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। जनपद सदस्य ने डॉक्टरों की टीम भेजने तथा मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया, ताकि प्रभावित पशुपालकों को शासन की ओर से नियमानुसार मुआवजा मिल सके।
