
सिंगरौली । जिले के दूरस्थ शासकीय महाविद्यालय बरका अव्यवस्थाओं का शिकार है। जहां पेयजल संकट के साथ-साथ साफ-सफाई का टोटा है। कॉलेज प्रबंधन उदासीन है। जबकि छात्र समय-समय लगातार प्रभारी प्राचार्य का ध्यान आकृष्ट कराते रहते हैं, इसके बावजूद व्यवस्थाएं जस की तस बनी हुई हैं।
दरअसल जिला मुख्यालय बैढ़न से 130 किलोमीटर दूर स्थित सरई अंचल के सबसे पुराना शासकीय महाविद्यालय बरका अव्यवस्थाओं से घिरा हुआ है। आलम यह है कि परिसर की जहां साफ-सफाई न कराए जाने से जगह-जगह घास एवं पतझड़ दिखाई दे रहे हैं। वहीं यहां के ट्ॉयलेट का कई महीनो से साफ-सफाई नही की गई है, लिहाजा छात्र-छात्राएं एवं अतिथि विद्वान भी जाने से कतराते हंै। इतना ही नही यहां पेयजल भी नसीब नही हो रहा है। नल के टोटी से पानी भी नही निकलता और वाटर कूलर शोपीस बना हुआ है। एनएचयूआई के पूर्व छात्र अध्यक्ष राहुल जायसवाल ने महाविद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर वीडियों के साथ सोशल मीडिया में वायरल कर लीड कॉलेज बैढ़न एवं जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुये गंभीर आरोप लगाया है। वहीं महाविद्यालय के छात्रों ने इस ओर कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराया है।
महाविद्यालय को नही मिल रहे स्थाई प्राचार्य
शासकीय महाविद्यालय बरका का पठन-पाठन व्यवस्था भी भगवान भरोसे है। महाविद्यालय में करीब-करीब सभी गतिविधियां खेलकूद बंद है। वहीं सहायक प्राध्यापक के भरोसे महाविद्यालय है। छात्र-छात्राओं ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि यहां खेल सामग्री क्रय में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की बू आ रही है। पूर्व में बैढ़न में पदस्थ प्राचार्य ने खेल खेला है। इसके अलावा फर्नीचर, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, कम्प्यूटर एवं विज्ञान, प्रयोगशाला के सामग्रियों में भी व्यापक पैमाने पर भी गड़बड़ी की गई है। हालांकि महाविद्यालय बरका के तत्कालीन प्राचार्य ने 21 नवम्बर 2024 कलेक्टर के यहां पत्राचार किया था।
छात्रों को नसीब नही हो रहा शुद्ध पेयजल
महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं का कहना है कि बताने एवं दिखाने के लिए वाटर कूलर आरो लगा हुआ है, परंतु इसमें कई महीने से एक बूंद पानी भी नही आ रहा है। पानी न आने की वजह संभवत: मोटर खराब है या फिर टंकी में पानी नही रहता। यह समस्या महीनो से है, परंतु निराकरण नही हो पा रहा है। महाविद्यालय में एक नही अनेक समस्याएं हैं।
