
छिंदवाड़ा। देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रियदर्शनी कॉलोनी में बुधवार सुबह पुलिस लाइन में पदस्थ एक महिला प्रधान आरक्षक ने आत्महत्या कर ली। मृतिका ने अपने सूने घर में जाकर खुद को आग के हवाले कर दिया था। जिससे आग में गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सीएसपी अजय राणा और देहात थाना निरीक्षक जीएस राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृितका डिप्रेशन का शिकार थीं। उनका नागपुर में इलाज चल रहा था। परिजनों के मुताबिक दीपा नेगी प्रियदर्षनी कालोनी की रहने वाली है। उनकी एक पंद्रह साल की बेटी भी है। पिछले काफी समय से गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। बुधवार सुबह वे अपनी मां के घर से यह कहकर निकली थीं कि गाड़ी में पेट्रोल डलवाने जा रही हैं। हालांकि वह वहां से करीब 500 मीटर दूर स्थित अपने खुद के सूने घर पहुंच गईं। इसके बाद उन्होंने कमरे के अंदर जाकर खुद को आग लगा ली। जिसके बाद उनकी मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही पुलिस महकमे और परिवार में मातम पसर गया। पुलिस ने पंचनाका कार्रवाई के बाद पीएम कर ंषव परिजनों को सौंप दिया है। हालांकि मृतिका के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। जिससे आत्महत्या के मुख्य कारणों का पता चल सके।
पड़ोसियों ने परिजनों को दी सूचना
सूने घर के अंदर से अचानक धुआं उठता देख आसपास के रहवासियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना मृतिका की मां और उनकी 16 वर्षीय बेटी को दी, जो कक्षा दसवीं की छात्रा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से हल्का लॉक था। उसे धक्का देकर खोला गया, तो अंदर महिला प्रधान आरक्षक गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में जमीन पर मृत पड़ी थीं।
पति के निधन के बाद मिली थी अनुकंपा नियुक्ति
परजिनों ने बताया कि मृतिका दीपा नेगी को उनके पति के निधन के बाद पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। सीएसपी अजय राणा ने बताया शुरुआती जांच में महिला के लंबे समय से डिप्रेशन में होने और नागपुर से इलाज चल रहा था। घटनास्थल पर एफएसएल टीम जांच कर रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सभी संभावित पहलुओं पर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
