रेहटी। सलकनपुर देवीधाम क्षेत्र में हाल ही में हुई एक बुजुर्ग साधु की मौत तथा मंदिर परिसर और सीढिय़ों पर तेंदुए एवं उसके शावकों की गतिविधियों के बाद वन विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गया है. दुकानदारों एवं मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को सचेत किया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग ने सलकनपुर पहाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है. लंबे समय से नागरिक और श्रद्धालु सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे थे. मंदिर की सीढिय़ों के समीप मादा तेंदुआ और शावकों की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल निर्मित हो गया था. जिसे देखते हुए वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कराई जा रही है. इसके अलावा कर्मचारियों द्वारा मंदिर परिसर के समीप दुकानदारों को रात में नहीं रुकने की हिदायत दी जा रही है तो श्रद्धालुओं को सतर्क करने के लिए विभिन्न स्थानों पर चेतावनी एवं वन्यजीव क्षेत्र संबंधी सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही वनकर्मियों की अतिरिक्त टीमें तैनात कर नियमित गश्त और निगरानी की व्यवस्था की गई है.
लोगों का कहना है कि सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदम स्वागतय ोग्य हैं, लेकिन यदि ऐसे इंतजाम पहले किए गए होते तो शायद हालिया हादसे से बचा जा सकता था. उनका मानना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए.
