नयी दिल्ली, 29 जून (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट के बीच मई में औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 5.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल मई की तुलना में इस साल मई में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) 5.1 प्रतिशत ऊपर रहा। विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि दर 5.5 प्रतिशत, बिजली एवं गैस आपूर्ति में 9.9 प्रतिशत और जलापूर्ति, सीवरेज तथा अपशिष्ट प्रबंधन में 5.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। वहीं, खनन क्षेत्र में 1.6 प्रतिशत की गिरावट रही। विनिर्माण क्षेत्र के 23 मुख्य समूहों में से 16 समूहों में आईआईपी में सालाना वृद्धि देखी गयी है। इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले तीन क्षेत्र इलेक्ट्रिकल उपकरण विनिर्माण (20.8 प्रतिशत), मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर विनिर्माण (14.5 प्रतिशत) और आम धातुओं के विनिर्माण (4.6 प्रतिशत) का योगदान रहा।
सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि मई के अच्छे प्रदर्शन में यात्री वाहनों, वाहनों के कलपुर्जों, स्पेयर और एक्सेसरीज, वाणिज्यिक वाहनों, इलेक्ट्रिकल स्विच एवं सुरक्षा उपकरण, छोटे ट्रांसफॉर्मर और यूपीएस एवं सॉलिड स्टेट ड्राइव (एसएसडी) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बढ़ती गर्मी के बीच एक साल पहले की तुलना में मई में गैस आपूर्ति में 7.1 प्रतिशत की कमी आयी है जबकि बिजली 11.1 प्रतिशत बढ़ी है। वित्त वर्ष के दौरान पहले दो महीने (अप्रैल-मई) में विनिर्माण क्षेत्र में 5.8 प्रतिशत और खनन क्षेत्र में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि रही। बिजली एवं गैस आपूर्ति में सालाना 7.3 प्रतिशत और जलापूर्ति, सीवरेज एवं अपशिष्ट प्रबंधन में छह प्रतिशत वृद्धि दर दर्ज की गयी। पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित इन दो महीनों में गैस आपूर्ति में 7.3 प्रतिशत की कमी आयी। इसी अवधि में बिजली आपूर्ति 8.3 प्रतिशत बढ़ गयी।

