इंदौर: इंदौर-भोपाल रूट पर संचालित निजी बसों में सवारी बैठाने और टाइमिंग को लेकर हुए विवाद के बाद बसों में तोड़फोड़ करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. दोनों बस ऑपरेटरों को भी निर्धारित परमिट और समय के अनुसार बस संचालन की सख्त हिदायत दी गई है. दोबारा विवाद होने पर परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
पिछले चार पांच दिनों से इंदौर से भोपाल जाने वाली चौहान बस सर्विस और शारदा ट्रेवल्स के बीच सवारी बैठाने और बसों के समय को लेकर विवाद चल रहा था. इसी विवाद के दौरान दोनों पक्षों के स्टाफ ने एक दूसरे की बसों में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया. मामले में भंवरकुआं और छोटी ग्वालटोली थानों में अलग अलग प्रकरण दर्ज किए थे. घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर एसीपी संयोगितागंज तुषार सिंह के नेतृत्व में भंवरकुआं और छोटी ग्वालटोली थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई. जांच के दौरान दोनों बस संचालकों से पूछताछ की गई और बसों में तोड़फोड़ करने वाले चार आरोपियों ललित सहरिया, राजा सिसोदिया, राहुल उर्फ देवा नायक और नीरज कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस आरोपियों को घटनास्थल पर भी ले गई, जहां घटनाक्रम की पुष्टि कराई गई. इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया. पुलिस ने दोनों बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे परमिट में तय समय के अनुसार ही बसों का संचालन करें. भविष्य में इस तरह का विवाद दोबारा होने पर संबंधित बसों के परमिट निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. मामले में एसीपी तुषार सिंह ने बताया कि सवारी बैठाने और बसों की टाइमिंग को लेकर हुए विवाद में तोड़फोड़ करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. बस संचालकों को भी नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है.
