
आलीराजपुर। सेजावाड़ा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शनिवार को जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) एवं स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की बैठक कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने विद्युत, पेयजल, सीवरेज व्यवस्था एवं प्रयोगशालाओं में उपलब्ध संसाधनों की कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की स्थायी व्यवस्था के लिए बोरवेल निर्माण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से जिले के सभी एकलव्य विद्यालयों में जल समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने विद्यालय भवनों के हस्तांतरण से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली ड्रेस एवं अन्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आपूर्ति से पूर्व नमूनों की जांच कराने के निर्देश भी दिए।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने पुलिस विभाग के सहयोग से नियमित गश्त, सिकल सेल से प्रभावित विद्यार्थियों के लिए निर्धारित आहार के अनुसार पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती माथुर ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों की देखभाल माता-पिता जैसी आत्मीयता और जिम्मेदारी से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, उन्हें केवल बेहतर अवसर, उचित मार्गदर्शन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की बालिकाओं से संवाद कर उनके भविष्य के लक्ष्य और करियर योजनाओं की जानकारी भी ली।
बैठक के बाद कलेक्टर ने विद्यालय के कला कक्ष एवं आर्ट गैलरी का निरीक्षण किया। बच्चों द्वारा तैयार मिट्टी की प्रतिमाओं एवं कलाकृतियों की सराहना करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
बैठक के प्रारंभ में विद्यालय की प्राचार्य रचना सेनी ने विद्यालय की उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। संचालन साक्षी टेंभरे एवं दीप्ति कटारिया ने किया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न एकलव्य विद्यालयों के प्राचार्य एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
