
उज्जैन । वर्ष 1980 के सिंहस्थ से बात शुरू करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन में कहा कि किसी न किसी रूप में सिंहस्थ के आयोजनों से जुड़ा रहा हूं,यह महाकाल की कृपा है कि उज्जैन के बाशिंदे को सत्ता के शिखर पर पदस्थ किया और आप भी महाकाल की कृपा से ही उज्जैन में पदस्थ रहे हो ऐसे में बीते सिंहस्थ के जो अनुभव लिए हैं उसे आने वाले कुंभ के लिए साझा करें..
शनिवार को उज्जैन आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर 12 साल में होने वाला सिंहस्थ भारत का ही नहीं, विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति, दर्शन, पीढ़ियों से चली आ रही विरासत, अटूट आस्था और हमारी आध्यात्मिक परम्पराओं का महासंगम है। इस धार्मिक उत्सव में मां शिप्रा के जल में स्नान करने से मोक्ष प्राप्त होता है।
पुराना अनुभव नया संकल्प
सिंहस्थ-2016 के अनुभव 2028 का संकल्प विषय पर हुई एक वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला को सीएम ने संबोधित किया.सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और त्वरित राहत व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। सिंहस्थ के सफल आयोजन के लिए हर बार पिछली चुनौतियों को लेकर मंथन हुआ है। इसलिए पिछले सिंहस्थ में उज्जैन पदस्थ रहे अफसरो को नई अफसरो के साथ अनुभव साझा करने के लिए बुलाया.
24 घंटे और 4 करोड़ श्रद्धालु
शिप्रा के नवीन घाटों और मौजूदा घाटों पर 24 घंटे में लगभग 4 करोड़ श्रद्धालु अमृत स्नान कर सकेंगे। सभी श्रद्धालु मां शिप्रा के जल से ही स्नान कर सकें, इसके लिए हमारी सरकार हर तरह के प्रबंध कर रही है।
समितियों का होगा गठन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1980 के सिंहस्थ में उन्होंने स्वयं भी स्काउट एंड गाइड वॉलेंटियर के रूप में श्रद्धालुओं की सेवा की थी। वर्ष 1992 में सिंहस्थ समिति की बैठकों में शामिल होने का अवसर भी मिला। सिंहस्थ समितियों में हर वर्ग के अनुभवी लोगों को शामिल कर उनके सुझाव लिए जाते हैं। आगामी सिंहस्थ के लिए सभी समितियों का गठन होना है । पहले सिर्फ उज्जैन के ही लोगों को समितियां में रखा जाता था इस बार पूरे प्रदेश के अनुभव अफसरो को रखेंगे और जो रिटायर हो गए हैं उन्हें भी मौका देंगे.
धर्मशाला पर कब्जे
पहले के सिंहस्थ में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था कराने की चुनौती थी। समाज के धर्मशालाओं पर कब्जा कर अधिकारियों को रात्रि विश्राम करवाना पड़ता था जो ठीक नहीं लगता था क्योंकि फिर श्रद्धालु इधर-उधर भटकते अब उसकी भी परमानेंट व्यवस्था की जा रही है. पुलिस के लिए कॉटेज भी बनाए जा रहे हैं.
हर सड़क हो रही चौड़ी
श्रद्धालुओं के सुविधाजनक आवागमन के लिए अब कोई सड़क ऐसी नहीं बच रही है, जिसे चौड़ा न किया गया हो। शिप्रा नदी पर घाटों का निर्माण कार्य जारी है। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी जल परियोजना शिप्रा में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार ने देवस्थानों पर सुविधाएं विकसित करने का काम कर रही है। शिप्रा में पक्के घाटों के निर्माण से मिट्टी का कटाव थमेगा, साथ ही नदी की धारा अविरल और एक जैसी बनी रहेगी।
पड़ोसी राज्यों से चर्चा करेंगे
सीएम बोले , पड़ोसी राज्यों से भी चर्चा कर श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। प्रयागराज में हमने देखा रीवा सतना तक श्रद्धालु फंस गए थे हमारे यहां पर श्रद्धालु आएंगे तो बाहर के राज्यों में न फंसे इसलिए पड़ोसी राज्यों से चर्चा करेंगे.
पटरी पर आई रेल
दूसरी ओर रेलवे लाइन के विकास कार्य भी आवागमन के लिए महत्वपूर्ण हैं। अब फतेहाबाद का ट्रैक चालू हो गया है और नागदा जाने के लिए रेलगाड़ियों को अब उज्जैन आने की आवश्यकता नहीं है। प्रधानमंत्री और केन्द्रीय रेल मंत्री ने उज्जैन में एक नए रेलवे स्टेशन की सौगात दी है।
ये आए पुराने अफसर
सिंहस्थ 2016 में संभागायुक्त रहे डॉ. रविंद्र पस्तोर, कलेक्टर रहे कविंद्र कियावत, पुलिस अधिक्षक रहे मनोहर सिंह वर्मा तथा संभाग आयुक्त रहे रविन्द्र पस्तोर ने अनुभव बताए, सभी विभागों के अधिकारी जिन्होंने सिंहस्थ 2016 और उसके पूर्व के सिंहस्थ में अपनी सेवाएं दी, उन्होंने अपने सुझाव दिए। सुझावों के आधार पर आगामी कार्ययोजना को मूर्त रूप दिया जाएगा ।
ये भी रहे मौजूद
कार्यशाला में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट, प्रशासक श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति प्रथम कौशिक एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला और संभागीय अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन श्रीमती प्रज्ञा गीते ने किया और आभार प्रदर्शन एडीजी राकेश गुप्ता ने किया ।
