अगरतला, 27 जून (वार्ता) नीति आयोग ने त्रिपुरा को राज्य सहायता अभियान के तहत ‘त्रिपुरा परिवर्तन संस्थान’ (टिफ्ट) की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये की पुरसकार राशि दी है।
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि यह पुरस्कार राज्य के त्वरित संस्थागत सुधारों, साक्ष्य-आधारित शासन, नवाचार और समावेशी तथा डेटा-संचालित विकास के प्रति समर्पण के सम्मान में दिया गया है। इस वित्तीय सहायता से यह संस्थान शासन की कार्यकुशलता बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा देने और त्रिपुरा में सतत व समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए अनुसंधान-आधारित पहल कर सकेगा। टिफ्ट पिछले तीन वर्षों से नवीन नीतिगत समाधान तैयार कर राज्य सरकार की सहायता करने और विभागों को विकास-केंद्रित कार्यक्रम बनाने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह संस्थान अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और प्रदर्शन निगरानी के माध्यम से निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने का भी प्रयास करता है, जिससे त्रिपुरा के दीर्घकालिक विकास को गति मिल सके।
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के नेतृत्व में दिसंबर 2023 में स्थापित टिफ्ट तेजी से राज्य का अग्रणी नीतिगत थिंक टैंक बन गया है। यह डाटा एनालिटिक्स, बहुविषयक अनुसंधान, नीति वकालत और साक्ष्य-आधारित शासन प्रथाओं के माध्यम से रणनीतिक नीतिगत सिफारिशें प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
नीति आयोग से मिली यह मान्यता संस्थानों को मजबूत करने और शासन में सुधार के प्रति राज्य के समर्पण को बताती है। अधिकारियों ने कहा कि यह पुरस्कार राज्य सहायता मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने में त्रिपुरा के सक्रिय दृष्टिकोण को मान्यता देता है, जिसका उद्देश्य शासन के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए भारतीय राज्यों में मजबूत नीतिगत संस्थान विकसित करना है।
