वॉशिंगटन, 25 जून (वार्ता) अमेरिका की सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अधिकारों को सीमित करने संबंधी प्रस्ताव 47 के मुकाबले 50 मतों से खारिज कर दिया। इसे ट्रंप प्रशासन और सीनेट में रिपब्लिकन नेतृत्व के लिए बड़ी राजनीतिक जीत माना जा रहा है।
यह प्रस्ताव डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन ने पेश किया था। मतदान में रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स और लिसा मर्कोव्स्की ने डेमोक्रेट्स का साथ दिया, जबकि रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने मतदान से परहेज किया। डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन फेटरमैन ने प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया।
यदि प्रस्ताव पारित हो जाता तो राष्ट्रपति को कांग्रेस की अनुमति के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से अमेरिकी सशस्त्र बलों को हटाना पड़ता, हालांकि श्री ट्रंप के इसे वीटो करने की पूरी संभावना थी। व्हाइट हाउस का तर्क है कि युद्धविराम समझौते के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अब कोई सैन्य संघर्ष नहीं चल रहा है। प्रशासन ने 1973 के ‘वॉर पावर्स रिजोल्यूशन’ की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठाये हैं।
श्री ट्रंप ने सार्वजनिक और निजी तौर पर कहा है कि कांग्रेस की ओर से उनके सैन्य अधिकार सीमित करने के प्रयासों ने ईरान के साथ उनकी बातचीत की स्थिति को कमजोर किया है। बताया जाता है कि इसी मुद्दे पर उन्होंने बुधवार को रिपब्लिकन सांसदों के साथ बंद कमरे में हुई बैठक में नाराजगी भी जतायी। इस दौरान उन्होंने लुइसियाना के सीनेटर बिल कैसिडी को कड़ी फटकार लगाई, जिन्होंने पहले ऐसे प्रस्ताव का समर्थन किया था।
बैठक के बाद श्री कैसिडी ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की। अतिरिक्त जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपना रुख बदलते हुए प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। रैंड पॉल ने भी कहा कि वह श्री ट्रंप को “स्थायी शांति के लिए बातचीत का अधिक अवसर” देना चाहते हैं।
यह मतदान ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के युद्धविराम को आगे बढ़ाने तथा परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और अन्य लंबित मुद्दों पर व्यापक वार्ता शुरू करने संबंधी समझौता हुआ है। मतदान के बाद श्री ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर सीनेट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह परिणाम “ईरान के लिए स्पष्ट संदेश” है।
