मैरिज गार्डन, होटल और बड़े संस्थानों के लिए नई गाइडलाइन; परिसर में ही करना होगा गीले कचरे का निपटान

सतना: पर्यावरण संरक्षण एवं वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम सतना ने निगम क्षेत्र के सभी थोक कचरा उत्पादकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त डॉ. शेर सिंह मीना के निर्देशानुसार जारी सार्वजनिक सूचना में निर्धारित मानकों के अंतर्गत आने वाले संस्थानों को नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम के अनुसार 20 हजार वर्गफीट या उससे अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले परिसर, प्रतिदिन 40 हजार लीटर से अधिक जल उपयोग करने वाले प्रतिष्ठान तथा प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले संस्थान बीडब्ल्यूजी श्रेणी में आएंगे।

इनमें मैरिज गार्डन, होटल-रेस्टोरेंट, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सामुदायिक भवन, औद्योगिक प्रतिष्ठान एवं अन्य बड़े संस्थान शामिल हैं। जारी निर्देशों के अनुसार ऐसे सभी संस्थानों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। साथ ही स्रोत स्तर पर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण, परिसर में ही गीले कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन तथा शेष अपशिष्ट का निपटान अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से सुनिश्चित करना होगा। प्रत्येक संस्थान को कचरा प्रबंधन के लिए एक नोडल अधिकारी भी नामित करना होगा।
होगी दंडात्मक कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। निगम द्वारा सभी पात्र संस्थानों से निर्धारित समयावधि में पंजीयन एवं नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

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