मुंबई, 19 जून (वार्ता) रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने एफएमसीजी कारोबार को विनिर्माण और निर्यात से जोड़कर वित्त वर्ष 2029-30 तक एक लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए रिलायंस रिटेल की प्रबंध निदेशक ईशा अंबानी पिरामल ने कहा कि रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (आरसीपीएल) की निकट अवधि की महत्वाकांक्षा वित्त वर्ष 2030 तक एक लाख करोड़ के राजस्व तक पहुंचने की है। कंपनी भविष्य में देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनियों में से एक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है और भविष्य में वैश्विक प्लेटफॉर्म पर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाना चाहती है। वित्त वर्ष 2025-26 में आरसीपीएल का कुल राजस्व 22,000 करोड़ रुपये रहा था। निर्यात और फ्रेंचाइज बिक्री के जरिये उसके उत्पाद 40 से अधिक देशों में मौजूद हैं।
रिलायंस रिटेल ने भी 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में 20 हजार स्टोर का आंकड़ा पार कर लिया। पिछले वित्त वर्ष उसका कुल राजस्व 3,70,026 करोड़ रुपये रहा। श्रीमती पिरामल ने कहा कि रिलायंस रिटेल किसानों और आपूर्ति श्रृंखला के भागीदारों के साथ अपनी साझेदारी को भी मजबूत कर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 40 हजार से अधिक किसानों के साथ मिलकर 110 कलेक्शन सेंटर के जरिये करीब 5.7 लाख टन ताजे फल और सब्जियां खरीदीं। उन्होंने कहा कि रिलायंस अब उपभोक्ता कारोबार को विनिर्माण और निर्यात से जोड़ने की तैयारी कर रही है। कंपनी पेय पदार्थों, रोजमर्रा की जरूरत के सामान, फूड पार्क्स, परिधान और किफायती इलेक्ट्रॉनिक्स में बड़े पैमाने पर विनिर्माण प्लेटफॉर्म बना रही है। अगले तीन साल में आरसीपीएल एकीकृत फूड पार्क्स के नेटवर्क पर 30,000 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगी।

