जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने छतरपुर जिले की बक्सवाहा जनपद पंचायत के सीईओं द्वारा ग्राम पंचायत चाची सेमरा के सरपंच मलखान लोधी को दोबारा प्रभार सौंपने का आदेश निरस्त कर दिया है।यह मामला उप सरपंच मनीषा शुक्ला की ओर से दायर किया गया है। जिसमें बताया गया कि ग्राम पंचायत चाची सेमरा, बक्सवाहा जिला छतरपुर के सरपंच मलखान लोधी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद पंचायत का प्रभार उपसरपंच मनीषा शुक्ला को सौंप दिया गया था।
बाद में मलखान लोधी को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सीईओं, जनपद पंचायत बक्सवाहा ने पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए उन्हें पुन: सरपंच का कार्यभार संभालने का निर्देश दिया। इसके विरुद्ध मनीषा शुक्ला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि ग्राम पंचायत के सरपंच से संबंधित इस प्रकार की कार्रवाई की अधिकारिता सीईओ जिला पंचायत के पास है। जनपद पंचायत के सीईओ को सरपंच का प्रभार वापस लेने अथवा पुन: सौंपने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए पाया कि 30 नवंबर 2022 की अधिसूचना के अनुसार सक्षम प्राधिकारी सीईओ जिला पंचायत हैं और जनपद सीईओ का आदेश अधिकारिता संबंधी त्रुटि से ग्रस्त है। जिसके बाद न्यायालय ने जनपद सीईओ का आदेश निरस्त करते हुए मनीषा शुक्ला की याचिका स्वीकार कर ली।
