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शाजापुर, सदी की सबसे बड़ी महामारी कोविड में खरीदी के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ. यहां तक कि कोविड में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर फर्जी किसानों को भोजन के पैकेट वितरण कराकर लाखों रुपए का घोटाला किया गया, जबकि कोविड के समय पूरा देश लॉकडाउन में था, लेकिन शाजापुर के तत्कालीन कलेक्टर और जनपद सीईओ ने लॉकडाउन में गेहूं के उपार्जन केंद्रों पर फर्जी किसानों को भोजन के पैकेट वितरित कर दिए. इस संबंध में नवभारत की खबर पर ईओडब्ल्यू उज्जैन द्वारा प्रकरण जांच में लिया गया, लेकिन छह साल बाद भी आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) उज्जैन इस भ्रष्टाचार की जांच तो दूर, जिला प्रशासन से जांच का प्रतिवेदन भी नहीं ले पाया. इस दौरान एक जनपद सीईओ की मौत भी हो गई है. अब अंदाजा लगा सकते हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में किस कदर कछुआ चाल एजेंसियों की रहती है.
गौरतलब है कि 2021 में शाजापुर में कोविड के दौरान गेहूं उपार्जन केंद्र पर फर्जी किसानों को भोजन वितरण, सेनेटाइजर, ब्लिचिंग एवं अन्य सामग्री की शिकायत की गई थी, जिस पर ईओडब्ल्यू ने शाजापुर जिला प्रशासन को लिखित में कई बार सूचित किया, लेकिन आज दिनांक तक ईओडब्ल्यू इस भ्रष्टाचार की जांच का भी प्रतिवेदन नहीं मंगा पाया. एक बार फिर 11 जून 2026 को छह साल पुरानी यह शिकायत फिर फाइलों से बाहर आई और फिर वही पुरानी बात नए कागज पर उतारकर जिला प्रशासन को नई चिट्ठी भेज दी गई. अब देखना यह है कि इस अतिगंभीर और करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामले में ईओडब्ल्यू उज्जैन अपनी ये जांच पूरी कर पाता है या जांच-जांच का ये खेल प्रशासन और ईओडब्ल्यू के बीच ऐसे ही चलता रहेगा.
कैसे होगी जांच, जपं सीईओ की हो गई है मौत
शाजापुर जनपद द्वारा कोविड के समय जो भ्रष्टाचार किया गया था, उसकी जांच तो नहीं हुई, लेकिन इन छह साल में शाजापुर के तत्कालीन जनपद सीईओ काल के गाल में समा गए. अब ऐसे में उनके कार्यकाल के भ्रष्टाचार की जांच कौन करेगा. क्योंकि भ्रष्टाचार की जांच को दबाने के लिए एक नया बहाना भी अधिकारियों को मिल चुका है कि जनपद सीईओ के कार्यकाल की शिकायत है और उनका निधन हो गया है, तो ऐसे में जांच कैसे करें.
ईओडब्ल्यू और प्रशासन के बीच जांच का खेल जारी
7 जुलाई 2021 को पत्र क्रमांक 21/270, पत्र क्रमांक 447 दिनांक 27 अगस्त 2021, पत्र क्रमांक 133 दिनांक 21 नवंबर 2021, पत्र क्रमांक 552 दिनांक 12 फरवरी 2023, पत्र क्रमांक 642 दिनांक 25 जुलाई 2023 और 12 अक्टूबर 223 को इतने पत्र जांच के लिए ईओडब्ल्यू ने जारी किए हैं, लेकिन आज तक आर्थिक अनुसंधान उज्जैन इस जांच का प्रतिवेदन शाजापुर जिला प्रशासन से नहीं मंगा पाया. अब एक बार फिर पत्र क्रमांक 1047 दिनांक 11 जून 2026 को इस जांच का प्रतिवेदन ईओडब्ल्यू ने सात दिन में मांगा है. अब देखना है कि इस बार ये जांच पूरी होती है या फिर ईओडब्ल्यू और प्रशासन के बीच जांच का खेल बदस्तूर जारी रहता है.
