महाकाल तक सिक्सलेन ब्रिज का श्रीगणेश


उज्जैन:महाकाल की नगरी में सबसे चर्चित हरीफाटक ब्रिज है, जो नीलगंगा से बेगमबाग होते हुए महाकाल मंदिर तक 4 लेन बनेगा, पुराने टू लाइन ब्रिज के समीप से होता हुआ यह ब्रिज सीधे नीलकंठ द्वार तक सिक्स लाइन के रूप में पहुंचेगा, जिसका श्री गणेश मंगलवार को कर दिया गया.सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच शहर के सबसे चर्चित हरिफाटक ब्रिज प्रोजेक्ट की शुरुआत हो गई है, ब्रिज की फोरलेन शाखा का विधिवत श्रीगणेश हो गया है और मौके पर बोरिंग व पिलर के पॉइंट्स चिन्हित करने का काम शुरू हो चुका है. निर्माण एजेंसी ने जैसे-जैसे साइट खाली हो रही है, वैसे-वैसे काम आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है.

महाकाल तक सीधा सिक्स लेन
हरिफाटक का मौजूदा दो लेन ब्रिज और नया फोरलेन ब्रिज मिलकर इसे सिक्स लेन में तब्दील करेंगे. यह कॉरिडोर सीधे महाकाल मंदिर को इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन मार्ग से जोड़ेगा. वर्तमान में लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं, जबकि सिंहस्थ के दौरान यह संख्या करोड़ों में पहुंचने का अनुमान है.

40 करोड़ श्रद्धालु ब्रिज पर
नवभारत से चर्चा में जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया सिंहस्थ में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है. इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रिज और सड़क को सिक्स लेन बनाया जा रहा है, ताकि ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचा जा सके और आवागमन सुगम रहे.

एमपीआरडीसी ने शुरू कराया निर्माण
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण एमपीआरडीसी द्वारा कराया जा रहा है. करीब 371 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस ब्रिज का टेंडर रवि इंफ्रा को मिला है. निर्माण एजेंसी को 18 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है.

मकान हटाने की कार्रवाई तेज
ब्रिज निर्माण में बाधा बन रहे मकानों को हटाने की कार्रवाई भी जारी है. विकास प्राधिकरण द्वारा जिन निर्माणों की अनुमति एवं लीज निरस्त की जा चुकी है, उन्हें हटाया जा रहा है. प्रभावित रहवासी कोर्ट पहुंचे, बावजूद अब तक राहत नहीं मिल सकी है. जैसे-जैसे स्टे खारिज हो रहे हैं, वैसे-वैसे प्रशासन और प्राधिकरण कार्रवाई तेज कर रहा है.

इंदौर से उज्जैन तक सिक्स लेन
हरिफाटक ब्रिज, इंदौर से उज्जैन तक बन रहे सिक्स लेन कॉरिडोर का अहम हिस्सा है. करीब 46 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 3 फ्लायओवर, 6 अंडरपास और 8 जंक्शन बनाए जा रहे हैं. इस परियोजना पर लगभग 1692 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, जिससे यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी.

स्थानियों और श्रद्धालुओं का फायदा
सिक्स लेन ब्रिज और सड़क बनने के बाद शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा. श्रद्धालुओं, साधु-संतों और स्थानीय नागरिकों को जाम से राहत मिलेगी. साथ ही सेंट्रल डिवाइडर और सर्विस रोड जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे यातायात और अधिक व्यवस्थित होगा. कुल मिलाकर यह प्रोजेक्ट सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा

Next Post

अमेरिकन ड्रीम से भारतीयों का मोह भंग! 40% से ज्यादा छोड़ना चाहते हैं US, Carnegie Survey के खुलासे मचा हड़कंप

Wed Apr 22 , 2026
कार्नेगी एंडोमेंट की 2026 रिपोर्ट के अनुसार 40% भारतीय-अमेरिकी अमेरिका छोड़ने पर विचार कर रहे हैं; राजनीतिक ध्रुवीकरण जटिल वीजा नियमों से लोग परेशान है। दुनियाभर के लोगों और खासकर भारतीयों के लिए अमेरिका हमेशा से ही ड्रीमलैंड की तरह रहा है। अच्छी नौकरी, ज्यादा कमाई और बेहतर लाइफस्टाइल ये […]

You May Like

मनोरंजन