मंडी में किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं,खरीदी में भेदभाव पर संदीप मोहोड ने अपनाया कड़ा रुख

​ सौंसर। स्थानीय कृषि उपज मंडी में शासन स्तर पर संचालित गेहूं एवं चना खरीदी केंद्र में व्याप्त अव्यवस्था और भेदभाव की शिकायतों के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप मोहोड ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं को देख मोहोड ने नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्र प्रभारी और कर्मचारियों को दो टूक चेतावनी दी कि किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

 

*​भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोप*

 

​जिलाध्यक्ष के मंडी पहुंचते ही किसानों ने अपनी व्यथा उनके समक्ष रखी। किसानों ने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्र पर प्रति बोरा 20 से 30 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। किसानों ने सीधे तौर पर कहा कि जो पैसा दे रहा है, उसका काम पहले हो रहा है और जो विरोध कर रहा है, उसे परेशान किया जा रहा है।

 

*​किसानों की जगह ट्रकों को प्राथमिकता*

 

​निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि केंद्र संचालक किसानों के गेहूं की तुलाई को रोककर ट्रकों से आने वाले चने की तुलाई को प्राथमिकता दे रहे हैं। भुम्मा गांव के किसान सुभाष बुआडे ने बताया कि वे पिछले 3-4 दिनों से मंडी में अपनी उपज लेकर बैठे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। किसानों ने कहा कि चने से भरे ट्रकों की एंट्री के कारण छोटे किसानों को कतार में खड़ा रखा जा रहा है। इधर *नवभारत* से चर्चा में बीजेपी जिला अध्यक्ष संदीप मोहड़ ने प्रबंधन को आगाह करते हुए कहा कि शासन ने किसानों को राहत देने के लिए खरीदी केंद्र खोले हैं, लूट मचाने के लिए नहीं। यदि दोबारा अवैध वसूली या भेदभाव की शिकायत मिली, तो संबंधित कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हर किसान की उपज पारदर्शी तरीके से तुली जानी चाहिए।

 

*​अधिकारियों को सख्त निर्देश* –

 

​संदीप मोहोड ने मौके पर ही केंद्र प्रभारी को निर्देशित किया कि तुलाई प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि किसान कई दिनों से भूखे-प्यासे मंडी में डटे हैं, ऐसे में उनकी उपज को प्राथमिकता देना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। इस औचक निरीक्षण के बाद मंडी परिसर में हड़कंप की स्थिति बनी रही।

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