व्यापार समझौता बातचीत के लिये अमेरिकी टीम भारत यात्रा पर

नयी दिल्ली, 16 सितंबर(वार्ता) अमेरिका के विदेश व्यापार विभाग के अधिकारियों की एक टीम भारत के साथ व्यापार समझौता वार्ताओं में उत्पन्न गतिरोध को दूर करने के लिए इस समय भारत में है।

वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि अमेरिकी अधिकारियों के साथ मंगलवार को दिन में बातचीत होगी।

भारत और अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लिए चल रही वार्ताओं में गतिरोध पैदा हो गया था। अमेरिका ने अगस्त के चौथे सप्ताह में बातचीत के लिए भारत जाने वाले अपने दल को रोक दिया था और रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत के खिलाफ आयात शुल्क को 27 अगस्त से 25 प्रतिशत और बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था।

वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बातचीत आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी व्यापार विभाग की एक टीम सोमवार को दिल्ली पहुंची। इस टीम में दक्षिण पश्चिम एशियाई मामलों की निर्देशक एमिली एशबाय और अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रैंडन लिंच शामिल है।

 

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह भारत अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) वार्ता का छठा दौरा नहीं है, इसमें वार्ताओं को आगे बढ़ाने और मुकाम पर पहुंचाने पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार यह बातचीत एक दिन की हो सकती है और इसके बाद भारतीय दल अमेरिका जा सकता है।

अमेरिका भारत का प्रमुख व्यापारिक भागीदार है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति, और ट्रम्प सरकार के कुछ अधिकारियों के कटु बयानों के कारण दोनों पक्षों के व्यापारिक संबंधों में तनाव उत्पन्न हो गया था।

हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप के नरमी भरे बयान और सोशल मीडिया पोस्ट तथा उन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्साह जनक प्रतिक्रियाओं से गतिरोध का रास्ता निकालने की संभावना उभरी है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उम्मीद जाहिर की है कि भारत और अमेरिका के बीच नवंबर तक कोई अच्छा समझौता हो जाएगा।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि भारत के लिए देश के किसानों पशुपालकों मछुआरों और छोटे तथा मझौँले उद्योगों का हित सर्वोपरि है और उनके साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। जबकि अमेरिका जीएम मक्का, डेरी और पोल्ट्री उत्पादों के बाजार के लिए भारत पर दबाव बना रहा है।

अमेरिका के व्यापार मंत्री होवार्ड लुट्निक ने अभी दो दिन पहले भारत की आलोचना करते हुए कहा था कि भारत अपनी एक अरब 40 करोड़ की विशाल आबादी की डींग तो मारता है लेकिन अमेरिका से एक छटांक मक्का नहीं खरीदता है।

वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर गंभीर और आशावादी है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उसके साथ व्यापार वार्ताएं चुनौती पूर्ण जरूर हैं।

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