
ग्वालियर। ग्वालियर जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर हुई है। जिले में चल रही 108 और जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवाओं की औचक जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुल 4 एम्बुलेंस का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि दो एम्बुलेंस में एक्सपायर्ड दवाइयां मौजूद थीं, जो न केवल मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा थीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करती हैं। औचक निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि एम्बुलेंस में सभी दवाइयां, उपकरण और मेडिकल सामग्री सही स्थिति में हों और आपातकालीन सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न हो। लेकिन निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं। कुछ एम्बुलेंस में मेडिकल उपकरण पुराने और खराब हालत में पाए गए, जबकि कुछ में प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी दवाइयां पूरी तरह अनुपलब्ध थीं। विशेष रूप से दो एम्बुलेंस में एक्सपायर्ड दवाओं की मौजूदगी ने स्वास्थ्य विभाग की सुस्त निगरानी और लापरवाही को उजागर किया। टीम ने निरीक्षण के दौरान एम्बुलेंस स्टाफ से भी बातचीत की और पाया कि कर्मचारियों को दवाओं और उपकरणों की नियमित जांच के लिए कोई स्पष्ट निर्देश या प्रशिक्षण नहीं मिला है। टीम ने कहा कि यह स्थिति आपातकालीन सेवाओं में मरीजों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी है और कहा कि जल्द ही सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस तरह की लापरवाही आम नहीं है, लेकिन नियमित निरीक्षण और निगरानी की कमी के कारण ऐसे मामले सामने आते हैं। जिले के लोगों के लिए 108 और जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा जीवनरक्षक साबित होती है, इसलिए यह जरूरी है कि इन सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
