मुंबई, 18जून (वार्ता) सोनी सब के लोकप्रिय शो हस्तिनापुर के वीर में आने वाले एपिसोड्स में दर्शकों को महाभारत की कहानी का एक महत्वपूर्ण और नाटकीय अध्याय देखने को मिलेगा। जैसे-जैसे कौरवों और पांडवों के बीच प्रतिस्पर्धा और तनाव बढ़ता जा रहा है, शकुनी की चालें घटनाओं को एक नए मोड़ पर ले जाती दिखाई देंगी।आगामी ट्रैक में दुर्योधन, जिसकी भूमिका आयुध भानुशाली निभा रहे हैं, पांडवों की बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव से खुद को असुरक्षित महसूस करने लगता है। उसकी इसी मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए शकुनी, जिसकी भूमिका चंदन आनंद निभा रहे हैं, उसे यह विश्वास दिलाता है कि पांडवों की सबसे बड़ी ताकत भीम हैं और उन्हें हटाना ही आगे बढ़ने का रास्ता है।
शकुनी की सलाह से प्रभावित होकर दुर्योधन एक खतरनाक योजना बनाता है। वह गुप्त रूप से भीम की खीर में जहर मिलवा देता है और बाद में उन्हें नदी में फिंकवा देता है। भीम के अचानक लापता हो जाने से पूरे हस्तिनापुर में चिंता फैल जाती है, लेकिन किसी को भी इस साजिश की जानकारी नहीं होती। दूसरी ओर बेहोश भीम नदी के बहाव के साथ रहस्यमयी नागलोक पहुंच जाते हैं, जहां से कहानी एक नए रोमांचक अध्याय में प्रवेश करती है।
शकुनी का किरदार निभा रहे चंदन आनंद ने कहा, “शकुनी एक ऐसा रणनीतिकार है जो लोगों की कमजोरियों को बहुत अच्छी तरह समझता है। वह दुर्योधन की झुंझलाहट और अस्वीकार किए जाने की भावना को पहचानता है और उसे शांत करने के बजाय उसी का उपयोग करता है। उसके लिए यह केवल भीम को हटाने की योजना नहीं, बल्कि एक बड़े संघर्ष की नींव रखने का तरीका है।” उन्होंने कहा कि शकुनी किसी पर सीधे दबाव नहीं डालता, बल्कि परिस्थितियां इस तरह बनाता है कि लोग स्वयं वही निर्णय लें जो उसके बड़े उद्देश्य को पूरा करते हों। चंदन के अनुसार, दुर्योधन को भीम के खिलाफ उकसाने वाला यह क्षण दोनों पात्रों के लिए अंधेरे रास्ते की शुरुआत साबित होगा और आगे चलकर हस्तिनापुर की किस्मत बदलने वाला घटनाक्रम बनेगा। दर्शक यह रोमांचक मोड़ सोनी सब पर प्रसारित होने वाले हस्तिनापुर के वीर में हर सोमवार से शनिवार रात 9 बजे देख सकते हैं।

