विजय शर्मा
भोपाल: राजधानी में स्लाटर हाउस मामले की जांच के लिए लगभग चार महीने बाद भी कमेटी गठित नहीं की जा सकी. उधर, निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर स्लाटर हाउस चालू करने के लिए अभिमत मांगा है.इस मामले में निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता की जांच की जाना थी. स्लाटर हाउस के विरोध में विपक्ष और हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन भी किए थे. सभी ने निष्पक्ष जांच करने की मांग की थी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब निगमायुक्त ने स्लाटर हाउस को शुरू करने के लिए पुलिस कमिश्नर से अभिमत मांगा है, जो यह दर्शाता है कि अब जांच पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दी गई और अगर पुलिस कमिश्नर ने अपना अभिमत दे दिया तो स्लाटर हाउस चालू किया जा सकता है. इस मामले में निगम आयुक्त संस्कृति जैन से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
परिषद के अध्यक्ष ने दिए थे जांच कमेटी बनाने के निर्देश
स्लाटर हाउस गौवंश काटने का यह मामला राजधानी सहित देशभर में सुर्खियों में रहा था और विरोध-प्रदर्शन हुए थे. इस मामले को लेकर जनवरी में नगर निगम परिषद की बैठक आहूत की गई. परिषद में उच्च स्तरीय जांच कराये जाने की मांग उठी थी. उसके बाद परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने निगमायुक्त संस्कृति जैन को जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे. उसके कुछ दिन बाद निगमायुक्त ने नगरीय प्रशासन को पांच सदस्यीय कमेटी गठित करने के लिए पत्र लिखा था. परिषद में यह बात भी उठी थी कि बिना परिषद की बैठक में चर्चा किए स्लाटर हाउस को शुरू करने की परमिशन दे दी गई थी.
यह है पूरा घटनाक्रम
दिसंबर 2025 में 26 टन मांस से भरा कंटेनर पकड़ा गया.जांच रिपोर्ट में 7 जनवरी 2026 को गोमांस की पुष्टि हुई.स्लॉटर हाउस को सील कर संचालक असलम चमड़ा समेत दो लोगों की गिरफ्तारी हुई.नगर निगम के कर्मचारियों सहित पशु चिकित्सा अधिकारी निलंबित जांच में स्लॉटर हाउस के दस्तावेज़ पूरी तरह से फर्जी पाए गए.
नगर निगम परिषद की 13 जनवरी की बैठक में उच्चस्तरीय जांच समिति बनाने का प्रस्ताव और निर्देश दिए.
इनका कहना है.
भोपाल को मांस की मंडी नहीं बनने देंगे. स्लाटर हाउस चालू नहीं होगा.
किशन सूर्यवंशी, अध्यक्ष, भोपाल नगर निगम
स्लाटर हाउस किसी भी कीमत पर चालू नहीं होना चाहिए. गौकसी मामले में जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए.
भगवानदास सबनानी, भाजपा विधायक
