नई दिल्ली | 07 जनवरी, 2026: फिलीपींस के दक्षिणी समुद्र तट पर आज सुबह 6.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी दहशत पैदा कर दी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र मिंडानाओ द्वीप स्थित सैंटियागो शहर से लगभग 27 किलोमीटर दूर समुद्र के भीतर 58.5 किलोमीटर की गहराई में था। झटके इतने तेज थे कि लोग डर के मारे अपने घरों और दफ्तरों से निकलकर खुले मैदानों की ओर भागने लगे। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूकंप के केंद्र की गहराई अधिक होने के कारण फिलहाल सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, दावाओ ओरिएंटल प्रांत में भूकंप के झटके लगभग पांच सेकंड तक महसूस किए गए। स्थानीय राहत कर्मियों ने बताया कि कुछ जगहों पर खड़ी कारें हिलती नजर आईं, लेकिन अभी तक किसी के हताहत होने या बड़ी संपत्ति के नुकसान की आधिकारिक खबर नहीं मिली है। गौरतलब है कि फिलीपींस ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहाँ टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। पिछले साल अक्टूबर में आए भूकंपों ने भारी तबाही मचाई थी, जिसके चलते इस बार प्रशासन ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए राहत टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, भूकंप की मुख्य वजह धरती की ऊपरी परत ‘लिथोस्फीयर’ के अंदर मौजूद चट्टानों का आपस में टकराना या खिसकना है। जब जमीनी सतह के नीचे दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है, तो ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती है, जिससे सतह पर कंपन महसूस होता है। फिलीपींस की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ अक्सर उच्च तीव्रता वाले भूकंप आते हैं, जो कभी-कभी जानलेवा साबित होते हैं। भूवैज्ञानिक लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं ताकि भविष्य में आने वाले आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) से लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।

