
(इरशाद खान ) मक्सी, 17 जून. एक ओर भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र में पानी की मांग बढ़ी हुई है. वहीं दूसरी ओर मक्सी में निर्माणाधीन फोरलेन मार्ग पर नर्मदा पाइपलाइन के प्रेशर वॉल से लगातार पानी बहकर व्यर्थ हो रहा है. हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में नवभारत द्वारा समाचार प्रकाशित होने और प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है.
गौरतलब है कि पुराने एबी रोड पर पूर्व से बिछी नर्मदा पाइपलाइन के ऊपर ही फोरलेन सडक़ का निर्माण किया जा रहा है. निर्माण कार्य के दौरान पाइपलाइन के प्रेशर वॉल को सडक़ की सतह से ऊपर ही छोड़ दिया गया है, जो वर्तमान में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. यही प्रेशर वॉल अब लगातार पानी के रिसाव का कारण बन रहा है. पूर्व में नवभारत द्वारा प्रकाशित समाचार में आशंका जताई गई थी कि नर्मदा पाइपलाइन के ऊपर सडक़ निर्माण भविष्य में बड़ी तकनीकी परेशानी खड़ी कर सकता है. अब प्रेशर वॉल से हो रहा पानी का रिसाव उन आशंकाओं को और मजबूत कर रहा है. सवाल यह भी उठ रहा है कि जब सडक़ निर्माण के दौरान ही पाइपलाइन से जुड़ी समस्या सामने आ रही है, तो भविष्य में फोरलेन मार्ग के नीचे दबी मुख्य नर्मदा पाइपलाइन में लीकेज या पाइप फूटने की स्थिति बनने पर क्या करोड़ों रुपए की लागत से तैयार सडक़ को दोबारा खोदना पड़ेगा.
…तो कौन लेगा जिम्मेदारी ?
उल्लेखनीय है कि मामले को लेकर पूर्व में शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना ने भी स्थल का निरीक्षण करवाने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है. लगातार बह रहे पानी और सडक़ के बीच मौजूद प्रेशर वॉल को लेकर प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. अब सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि यदि भविष्य में फोरलेन के नीचे दबी नर्मदा पाइपलाइन फूटती है, सडक़ को नुकसान पहुंचता है अथवा किसी प्रकार की दुर्घटना होती है, तो इसकी जवाबदेही किसकी तय होगी. फिलहाल यह सवाल जवाब की प्रतीक्षा में है, जबकि समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है.
यातायात सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक…
स्थिति को और गंभीर इसलिए भी माना जा रहा है. क्योंकि फोरलेन मार्ग के बीच स्थित प्रेशर वॉल यातायात सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बना हुआ है. सडक़ के बीच उभरी यह संरचना दुर्घटना की आशंका को बढ़ा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं.
