
सीधी। कॉलेज के अतिक्रमण का प्रकरण क्या खारिज हो गया! मामला नजूल तहसील सीधी में वर्षों से लम्बित पीएम श्री एक्सीलेंस कालेज सीधी के अतिक्रमण प्रकरण के निपटारे को लेकर बने असमंजस का है।
गौरतलब है कि संजय गांधी महाविद्यालय के भूमि की सीमांकन कार्यवाही कलेक्टर एवं तहसीलदार के आदेश के बाद विगत 30 अक्टूबर 2020 को करने के साथ ही राजस्व टीम द्वारा स्थल पंचनामा भी तैयार किया गया था। महाविद्यालय के ग्राम करौंदिया उत्तरटोला के भूमि का सीमांकन खसरा नम्बर 29 किता भूमि कुल रकवा 9.383 हेक्टेयर एवं ग्राम मधुरी कोठार की भूमि खसरा 10 किता रकवा 4.836 हेक्टेयर का सीमांकन चालू राजस्व अभिलेख का मौके से मिलान कर पैमाइसी उपकरणों व ईटीएसएम से बंदोबस्ती सीमाओं को आधार मानकर किया गया था। इस दौरान अतिक्रमणकारियों को भी चिन्हित कर उनकी सूची तैयार कर अग्रिम कार्यवाई के लिये नजूल तहसीलदार न्यायालय सीधी को सौंपा गया था। उक्त न्यायालय में सालों तक सुनवाई के नाम पर प्रकरण को लंबित रखा गया था। अब खारिज की चर्चा है।
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पुराना अतिक्रमण नही हटा, नये अतिक्रमण शुरु
पीएम श्री एक्सीलेंसी संजय गांधी महाविद्यालय सीधी के पुराने चिन्हित अतिक्रमण तो वर्षों बाद भी नहीं हटे और अब नये अतिक्रमण सुनियोजित तरीके से शुरू हैं। कॉलेज सूत्रो के अनुसार हाल ही में अतिक्रमण करने के लिये रातों-रात कुछ झोपड़ पट्टी तैयार होने की जानकारी पर इसकी लिखित सूचना तहसीलदार कार्यालय को दी गई, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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प्राचार्य के पत्रों को लेकर गंभीर नही जिम्मेदार
महाविद्यालय के प्राचार्य लगातार अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर तहसील एवं कलेक्टर कार्यालय को पत्र भेज रहे हैं। विगत दो दशक में जितने भी प्राचार्य रहे उनके द्वारा कॉलेज की भूमि में अतिक्रमण को लेकर पत्र भेजने का सिलसिला जारी रखा गया। विडम्बना यह है कि प्राचार्य के पत्रों को लेकर जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
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इनका कहना है
कॉलेज के अतिक्रमण के संबंध में नजूल न्यायालय में जो मामला चल रहा था उसकी क्या स्थिति है यह फाइल देखकर ही बता सकते हैं।
मीनाक्षी जायसवाल, तहसीलदार नजूल सीधी
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