भोपाल: आज सर्वोच्च न्यायालय ने वक्फ़ संशोधन विधेयक, 2024 के विवादित प्रावधानों के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि यह मामला मौलिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय से जुड़ा है, इसलिए इसे गहन संवैधानिक समीक्षा की आवश्यकता है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता शहरयार खान ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यदि यह विधेयक लागू होता तो करोड़ों नागरिकों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक एवं सामाजिक अधिकार प्रभावित हो सकते थे। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को संविधान पीठ के समक्ष रखने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई तक किसी भी नई कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस फैसले को न्यायपालिका की संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र की आत्मा समानता, न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता में निहित है, और यह आदेश उस भावना को और मज़बूत करता है।
पार्टी ने भरोसा दिलाया कि वह संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगी और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा में सदैव अग्रणी भूमिका निभाएगी।
