
इंदौर. संबल योजना के तहत मृतक के परिजन को मिलने वाली दो लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाली नगर निगम जोन 13 की वार्ड प्रभारी मस्टर कर्मी संध्या पथरोड को लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को रंगे हाथों पकड़ लिया. आरोपी महिला शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपए ले रही थी. मामले में वार्ड प्रभारी सहायक हरभजन सिंह सलूजा को भी आरोपी बनाया है.
लोकायुक्त को ग्राम लिंबोड़ी में रहने वाले 22 वर्षीय आशीष चौधरी ने शिकायत की थी कि उसके पिता की मृत्यु के बाद संबल योजना के तहत मिलने वाली दो लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत कराने के एवज में संध्या पथरोड और हरभजन सिंह सलूजा द्वारा 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है. शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने इसका सत्यापन कराया. सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग सही पाए जाने पर आरोपियों ने 15 हजार रुपए तीन किस्तों में लेने पर सहमति जताई. इसके बाद गुरुवार को भंवरकुआ क्षेत्र स्थित डीडी गार्डन के पीछे लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई की. शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए की पहली किस्त लेते ही संध्या पथरोड को लोकायुक्त टीम ने पकड़ लिया. कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. उक्त कार्रवाई निरीक्षक प्रतिभा तोमर ने की.
शिकायत का सत्यापन कराने के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई. संध्या पथरोड को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है. मामले में वार्ड प्रभारी सहायक हरभजन सिंह सलूजा को भी आरोपी बनाया है. प्रकरण में आगे की जांच की जा रही है.
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय
