फ्रांस में G7 समिट के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू पर जमकर भड़ास निकाली। ट्रंप ने कहा कि उनके बिना इजरायल का कोई अस्तित्व नहीं होता, ईरान डील पर भी बात की।
फ्रांस के एवियन में चल रहे जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर जमकर बरसे। ट्रंप ने खुले मंच से नेतन्याहू को काफी खरी खोटी सुनाई और दावा किया कि अगर अमेरिका उनके साथ न होता तो इजरायल का कोई अस्तित्व नहीं होता। ट्रंप ने नेतन्याहू को ‘क्रेजी’ तक कह दिया है जो रिश्तों में भारी तनाव को साफ दिखाता है। यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़ा और बहुत ही अहम मोड़ ला सकता है।
दोनों विश्व नेताओं के बीच किसी समय बहुत ही गहरी और मजबूत दोस्ती हुआ करती थी लेकिन अब हालात पूरी तरह से बदल गए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने नेतन्याहू को बता दिया है कि लेबनान में उनके हालिया हमलों से अमेरिका खुश नहीं है। ये खतरनाक हमले वाशिंगटन और तेहरान के बीच होने वाली एक अहम शांति डील को भारी खतरे में डाल रहे हैं। यह महत्वपूर्ण शांति डील इसी शुक्रवार को जिनेवा में साइन होने वाली है जिस पर सबकी नजरें हैं।
घरेलू दबाव और राजनीति का असर
नेतन्याहू पर ट्रंप की नाराजगी के पीछे अमेरिका की घरेलू राजनीति भी एक बहुत बड़ी और मुख्य वजह मानी जा रही है। अमेरिका में युद्ध को पसंद करने वाले लोगों की संख्या तेजी से कम हो रही है और गैसोलीन के दाम बढ़ गए हैं। ट्रंप पर इस बात का भारी दबाव है कि वो जल्द से जल्द इस विनाशकारी युद्ध को पूरी तरह से खत्म करें। ट्रंप अब ईरान के साथ एक बहुत ही बड़ी शांति डील करने को पूरी तरह बेताब नजर आ रहे हैं।
इजरायल को लेकर अमेरिका में राय
अमेरिका में इजरायल के समर्थन को लेकर राजनीतिक दलों की पुरानी राय अब पूरी तरह से बंटी हुई नजर आ रही है। डेमोक्रेट्स इस युद्ध में फिलिस्तीनियों के साथ इजरायल के सख्त व्यवहार से बहुत ज्यादा नाराज हैं और कई सवाल उठा रहे हैं। वहीं रिपब्लिकन पार्टी के नेता भी यह पूछ रहे हैं कि इजरायल को समर्थन देना अब कितना जरूरी है। यहूदी डेमोक्रेटिक काउंसिल की हेली सोइफर ने ट्रंप की इस कूटनीतिक टिप्पणी को अत्यंत आपत्तिजनक और पूरी तरह से गलत कहा है।
कूटनीतिक प्रभाव और आगे का रास्ता
पूर्व सलाहकार एरॉन डेविड मिलर के अनुसार अगर नेतन्याहू इस डील के रास्ते में आते हैं तो ट्रंप उन पर भारी दबाव बनाएंगे। ट्रंप इस भयानक युद्ध से बाहर निकलना चाहते हैं और इसके लिए अपनी ताकत का इस्तेमाल करने को तैयार हैं। ट्रंप ने कहा कि बीबी के साथ उनका रिश्ता शानदार रहा है लेकिन अब उन्हें अधिक जिम्मेदार होना पड़ेगा। अगर नेतन्याहू अपनी जिद पर अड़े रहे तो अमेरिका और इजरायल के ऐतिहासिक रिश्तों में एक बहुत बड़ी दरार आ जाएगी।
