हैदराबाद | तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मतदाता सूची (SIR) में विशेष संशोधन के तहत बड़ी संख्या में वोट हटाए जाने पर कड़ी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शक के आधार पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाना राज्य के लिए राजनीतिक रूप से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं को निर्देश दिया कि वे सभी 119 निर्वाचन क्षेत्रों में पोलिंग बूथ एजेंटों के साथ समन्वय स्थापित करें और सतर्क रहें।
वॉर रूम के माध्यम से कड़ी निगरानी
सीएम रेड्डी ने स्पष्ट किया कि जो लोग अस्थायी रूप से गांव से बाहर हैं, उनके वोट किसी भी स्थिति में नहीं कटने चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को गांधी भवन में एक ‘वॉर रूम’ स्थापित करने और मतदान केंद्र स्तर पर प्रतिदिन कार्यों की मॉनिटरिंग करने का आदेश दिया। उन्होंने आगाह किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए संबंधित क्षेत्र के इंचार्ज सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
नेताओं और पदाधिकारियों का आह्वान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ और डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्क ने भी कार्यकर्ताओं को अलर्ट रहने की सलाह दी। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के कारण चुनाव परिणामों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। एआईसीसी इंचार्ज मीनाक्षी नटराजन ने भी बीएलए को पूरी सावधानी बरतने और गरीबों व अनपढ़ लोगों के वोट सुरक्षित रखने के लिए समय पर आवश्यक दस्तावेज जमा करने को कहा।

