हनुमान टेकरी मंदिर ट्रस्ट का पलटवार: अफवाह फैलाने वालों पर होगी एफआईआर और मानहानि का केस

गुना। श्री हनुमान टेकरी मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने रविवार को एक आपातकालीन पत्रकार वार्ता बुलाई। पिछले कुछ समय से मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से ट्रस्ट पर लग रहे सीधे व अप्रत्यक्ष आरोपों पर पलटवार करते हुए ट्रस्ट ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने दावा किया कि कुछ लोग कतिपय तत्वों को मोहरा बनाकर फर्जी अफवाहें फैला रहे हैं, क्योंकि भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले इन लोगों की निजी दुकानें अब बंद हो चुकी हैं।

पत्रकार वार्ता में सबसे बड़ा स्पष्टीकरण परिसर के शिव मंदिर को लेकर दिया गया। ट्रस्ट ने साफ किया कि वर्तमान शिव मंदिर को कहीं भी शिफ्ट नहीं किया जा रहा है और वह यथावत रहेगा। हालांकि, परिसर में एक नया मंदिर शिव पंचायत के साथ निमार्णाधीन प्रक्रिया में है, जिसकी प्रतिमाएं आ चुकी हैं और उन्हें परिसर में ही दूसरी जगह विराजमान किया जाएगा। निजी तौर पर निशाने पर आए ट्रस्ट के प्रवक्ता राजेश अग्रवाल की नियुक्ति को लेकर फैली अफवाहों पर भी विराम लगाया गया है। ट्रस्ट ने बताया कि राजेश अग्रवाल वर्ष 2005 से मीटिंग की प्रोसीडिंग के जरिए वैधानिक रूप से ट्रस्टी बने हैं। पूर्व ट्रस्टी सत्यनारायण माहेश्वरी ने अपने व्यवसाय के सिलसिले में गुजरात शिफ्ट होने के कारण इस्तीफा दिया था और लिखित में राजेश अग्रवाल को ट्रस्टी बनाने की सहमति दी थी। जब ट्रस्ट के पास मात्र 72 हजार रुपए थे, तब 4 करोड़ 51 लाख का लक्ष्य रखकर शहर की धर्मप्रेमी जनता के सहयोग से मंदिर का यह ऐतिहासिक निर्माण कराया गया। प्रवक्ता राजेश अग्रवाल ने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से मेरी छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ जल्द ही मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि बजरंग दल के जिला संयोजक द्वारा लिखित में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर ट्रस्ट ने कहा कि उनसे तथ्य मांगे जाएंगे और साक्ष्य न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। पदाधिकारियों मुताबिक वे स्वयं संघ और विश्व हिंदू परिषद की विचारधारा से जुड़े हैं। यदि बजरंग दल ही बजरंग बली के मंदिर पर बिना तथ्य के आरोप लगाएगा, तो इस विषय पर वरिष्ठ स्तर पर बात की जाएगी। इससे पहले पर्वत सिंह नामक व्यक्ति द्वारा दिए गए आवेदन और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने की बात कही गई है।

 

ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नन्नूलाल प्रजापति ने सोशल मीडिया पर चल रही उन चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें ट्रस्ट को चाचा-भतीजे का संगठन और राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा था। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है और न ही इसमें किसी एक समाज का दबदबा है। अधिकांश पदाधिकारी कई दशकों से पूरी पारदर्शिता और नियमों का पालन करते हुए समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। आरोप लगाने वालों की मानसिकता कुंठित हो चुकी है।

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