सिंगरौली/ देवसर: अवैध उत्खनन और रेत परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना जियावन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेत परिवहन कर रहे एक बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस पर हमला करने और साक्ष्य मिटाने का प्रयास करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जियावन थाना प्रभारी उपनिरीक्षक शेषनारायण दुबे पुलिस बल के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम छींवा स्थित कॉलेज मोड़ के पास नदी की ओर से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रूप से रेत लोड कर परिवहन किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक सिंगरौली शियाज़ के.एम., अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा तथा एसडीओपी देवसर डॉ. गायत्री तिवारी के मार्गदर्शन में सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया।
पुलिस को देखकर ट्रैक्टर चालक छोटेलाल रावत वाहन से कूदकर फरार हो गया। वहीं ट्रैक्टर की साइड सीट पर बैठे राजेश उर्फ राजू द्विवेदी ने कथित रूप से पुलिस कार्रवाई को विफल करने और साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से ट्रैक्टर का जैक उठाकर ट्रॉली में भरी रेत को सड़क पर गिरा दिया। पुलिस कर्मियों द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर उसने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए अभद्र व्यवहार भी किया।
पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी राजेश उर्फ राजू द्विवेदी (35 वर्ष), निवासी ग्राम छींवा को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक बिना नंबर का न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर-ट्रॉली, अवैध रूप से परिवहन की जा रही रेत तथा मोबाइल फोन जब्त किया। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 5.15 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी चोरी, मारपीट, अवैध खनन और परिवहन से जुड़े चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि वह क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय था।
जियावन पुलिस ने आरोपी राजेश उर्फ राजू द्विवेदी और फरार चालक छोटेलाल रावत के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं, खान एवं खनिज अधिनियम तथा मोटरयान अधिनियम के तहत अपराध क्रमांक 0354/2026 दर्ज किया है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
कार्यवाही में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
थाना प्रभारी जियावन उप-निरीक्षक शेषनारायण दुबे, उप-निरीक्षक इंद्रपाल वर्मा, सहायक उप-निरीक्षक मोहन प्रजापति, प्रधान आरक्षक गुलाब सिंह , प्रधान आरक्षक आशीष द्विवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
