
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में लापरवाही का स्तर इस कदर बढ़ चुका है कि अब छात्रों का भविष्य सीधा दांव पर लग चुका है। विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित वार्षिक परीक्षाओं में अव्यवस्थाओं और त्रुटिपूर्ण प्रवेश पत्रों के चलते छात्रों में जबरदस्त आक्रोश है।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष सचिन रजक ने आज इस लापरवाही का खुलासा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन वाहवाही बटोरने के चक्कर में भले ही जल्दबाजी में परीक्षा परिणाम घोषित कर रहा है, लेकिन हकीकत में जमीनी स्तर पर अव्यवस्था और गैर-जिम्मेदारी की पराकाष्ठा हो रही है।
बीए स्वाध्यायी की एक छात्रा के पूरक परीक्षा के प्रवेश पत्र में परीक्षा केंद्र के रूप में जानकीरमण महाविद्यालय अंकित किया गया था। छात्रा निर्दोष भाव से समय पर उक्त केंद्र पहुंची, परीक्षा कक्ष में बैठी, प्रश्न पत्र और उत्तरपुस्तिका भी प्राप्त कर ली। लेकिन एक घंटे बाद परीक्षा निरीक्षक ने उसे यह कहकर बाहर निकाल दिया कि उसका वास्तविक परीक्षा केंद्र तो नवयुग कॉलेज है। भागती-दौड़ती छात्रा जब नवयुग कॉलेज पहुंची, तो वहां उसे दो टूक कह दिया गया कि उसे अनुपस्थित घोषित कर दिया गया है और अब परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सकती। छात्रा के प्रवेश पत्र में परीक्षा सत्र जून 2025 का अंकित था, जबकि यह परीक्षा मार्च 2025 सत्र के लिए आयोजित हो रही थी। ऐसे सैकड़ों छात्र हैं जिनके प्रवेश पर में सत्र मार्च 2025 की जगह जून 2025 अंकित है जिससे छात्रों में भ्रम की स्थिति है।
उन्होंने मांग की कि इस घटना के जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो, पीड़ित छात्रा को न्याय मिले, और समस्त प्रवेश पत्रों की तत्काल समीक्षा कर त्रुटियों को सुधारा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
