
छतरपुर। जनपद पंचायत छतरपुर में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। जनपद अध्यक्ष ममता तिवारी के कार्यालय में उनकी कुर्सी के समीप उनके पति चंद्रशेखर तिवारी की कुर्सी लगाए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि बैठकों और विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों के दौरान उनके पति की सक्रिय मौजूदगी देखी जाती है।
इस मुद्दे को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि महिला आरक्षण का उद्देश्य महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सशक्त बनाना है, लेकिन यदि निर्वाचित प्रतिनिधियों के स्थान पर उनके परिजन प्रभावी भूमिका निभाते हैं, तो इससे महिला सशक्तिकरण की भावना प्रभावित होती है।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के बीच इस विषय को लेकर चर्चा का माहौल है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि के रूप में जनता ने महिला उम्मीदवार को चुना है, इसलिए प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन भी निर्वाचित प्रतिनिधि द्वारा ही किया जाना चाहिए।
हालांकि, इस संबंध में जनपद अध्यक्ष ममता तिवारी या उनके पति चंद्रशेखर तिवारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं जारी हैं और लोग महिला आरक्षण की वास्तविक भावना को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
