
दमोह. शहर के धगट चौराहे पर स्थित राजा मैरिज हॉल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा भक्ति महायज्ञ का गुरुवार को चतुर्थ दिवस सम्पन्न हुआ. यह कथा 8 जून से प्रारंभ होकर 15 जून तक चलेगी.इस कथा का आयोजन गौड़ीय परंपरा के विशुद्ध संत नित्य लीला प्रविष्ट गुरुदेव श्री श्री चक्रधर प्रसाद ब्रह्मचारी जी महाराज के कृपा आशीर्वाद से वर्तमान आचार्य श्री हरे कृष्ण दास ब्रह्मचारी जी महाराज के तत्वावधान में हो रहा है. प्रसंग में पूज्य श्री आचार्य चरण ने श्रीमद भागवत में वर्णित भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन किया, जैसे कि समुद्र मंथन में मोहिनी अवतार,वामन अवतार,मत्स्य अवतार, गजग्राह का उद्धार,महाराज अम्बरीश का चरित्र.कथा का समापन भगवान रामचंद्र के प्राकट्योत्सव के साथ हुआ.महाराज अम्बरीश के चरित्र में एकादशी पालन करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आचार्य चरण ने बताया किया कि 8 से 80 वर्ष तक के हर व्यक्ति को एकादशी व्रत का पालन करना चाहिए.एकादशी व्रत भगवान की प्रसन्नता के लिए किया जाता है,इससे हमारा आध्यात्मिक उत्थान होता है. श्री आचार्य जी ने जनमानस से आह्वाहन करते हुए बिना किसी भ्रांत धारणा में उलझकर एकादशी व्रत पालन करने का संकल्प दिलवाया. एकादशी में दृढ़ निष्ठा होने के कारण स्वयं भगवान ने अम्बरीश महाराज की दुर्वासा मुनि से रक्षा की थी.इस दिव्य आयोजन में भारतवर्ष के कई शहर जैसे कि अजमेर,भरतपुर,कोटा,भोपाल,इंदौर,सागर, बीना,खुरई,झांसी इत्यादि से भक्त जन पधारें हैं.पंचम दिन के कथा प्रसंग में श्री कृष्ण जन्म बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जायेगा.सभी शहर वासी इसमें सम्मिलित होकर आनंद लाभ लें.
