
नीमच। पुलिस ने जिले में सडक़ हादसों और उनसे होने वाली मौतों को कम करने के लिए ‘जीवन संजीवनी अभियान’ शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने मंगलवार को ग्राम चल्दू से इस अभियान को शुरु किया। इसके तहत जिले के 22 अत्यधिक दुर्घटना संभावित ‘हॉट स्पॉट्स’ पर 1100 ‘सडक़ सुरक्षा मित्र’ तैनात किए जाएंगे।
अभियान के अंतर्गत जावद के खोर टर्न और मनासा के दरकपुरा फंटे पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने स्थानीय ग्रामीणों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेसन) और प्राथमिक इलाज का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसका उद्देश्य दुर्घटना के तुरंत बाद घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ में जीवन रक्षक सहायता प्रदान करना है।
तीन वर्षों में कुल 338 लोगों की मौतें हुई
यह पहल पिछले तीन वर्षों के चिंताजनक सडक़ दुर्घटना आंकड़ों के मद्देनजर की गई है। वर्ष 2023 में 359 हादसों में 101 मौतें, वर्ष 2024 में 368 हादसों में 120 मौतें और वर्ष 2025 में 321 सडक़ दुर्घटनाओं में 117 लोगों की जान गई है। इन तीन वर्षों में कुल 338 लोगों की मौत हुई।
इन आंकड़ों को देखते हुए एसपी राजेश व्यास ने स्वयं कमान संभाली। उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारियों, यातायात थाना प्रभारी और डीएमआर के टेक्निकल संचालक पुष्पेंद्र कारपेंटर के साथ कई समीक्षा बैठकें कीं।
तकनीकी और भौतिक निरीक्षण के आधार पर जिले में 22 दुर्घटना संभावित स्थलों का चयन किया गया। इन सभी 22 चिन्हित बिंदुओं के आसपास रहने वाले 50-50 स्थानीय लोगों को मिलाकर कुल 1100 लोगों की एक टीम तैयार करने का निर्णय लिया गया है, जो दुर्घटना के तुरंत बाद पीडि़तों की जान बचाने में मदद करेगी।
क्यूआर कोड के जरिए संचालित होगा अभियान
यह पूरा अभियान आधुनिक तकनीक और एक विशेष क्यूआर कोड के माध्यम से संचालित होगा, जिसे कोई भी आम नागरिक गूगल के जरिए स्कैन करके सीधे जुड़ सकता है। इस गूगल फॉर्म में दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाला मददगार अपनी जानकारी और सहयोग का विवरण भर सकेगा, जिसके बाद नीमच पुलिस की ओर से उसे जिले के आधिकारिक ’सडक़ सुरक्षा मित्र’ के रूप में पहचान और सम्मान दिया जाएगा।
मंगलवार को चल्दू में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में डॉ. कमलेश माली ने उपस्थित जनसमुदाय को सीपीआर का लाइव डेमो दिया। जहां सीएसपी सुश्री किरण चौहान, जीरन थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश यादव और यातायात सूबेदार सोनू बडग़ुजर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
’जीवन संजीवनी अभियान’ को सफल बनाने का संकल्प
इसी तरह जावद के खोर टर्न पर डॉ. प्रदीप धाकड़ ने एसडीओपी रोहित राठौर, जावद थाना प्रभारी मनोज सिंह जादौन और नयागांव चौकी प्रभारी मंगल सिंह राठौर की उपस्थिति में ट्रेनिंग दी। मनासा के दरकपुरा फंटे पर भी एसडीओपी श्रीमती निकीता सिंह और थाना प्रभारी निलेश अवस्थी की मौजूदगी में नर्सिंग ऑफिसर चंद्रेश भट्ट ने लोगों को जीवन रक्षक तकनीक सिखाई।
नीमच पुलिस ने जिले के तमाम नागरिकों से इस ‘जीवन संजीवनी अभियान’ को सफल बनाने और अपनों की जान बचाने के लिए बढ़-चढक़र सहयोग करने की भावुक अपील की है।
