
मंडला । जिले के आदिवासी एवं बैगा बहुल अंचलों में साहूकारों की मनमानी पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मनमानी ब्याज दरों पर कर्ज देकर आदिवासी परिवारों का आर्थिक शोषण करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई तेज होगी। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सोमेश मिश्रा ने मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति क्षेत्र साहूकारी के तहत जिलेभर में कड़े निर्देश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार, अब मंडला जिले में साहूकारी व्यवसाय केवल वैध पंजीकरण के बाद ही किया जा सकेगा। पंजीकृत साहूकार को ही प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा और उसकी निगरानी की जाएगी। प्रशासन के पास ग्रामीणों से लगातार शिकायतें आ रही थीं कि कुछ साहूकार ऊँची ब्याज दरों पर कर्ज देकर ग्रामीणों की ज़मीन, बहुमूल्य सामान व यहां तक कि जीवन यापन के साधन तक गिरवी रखवा लेते हैं। इस शोषण से ग्रामीण कर्ज में डूबे रहते हैं और उनके समग्र विकास में बाधा आती है। सख्त ब्याज सीमा तय
विनियम की धारा 7 के अनुसार प्रतिभूत अमानत ऋण पर अधिकतम 6% सालाना ब्याज
गैर-प्रतिभूत ऋण पर अधिकतम 12% सालाना ब्याज
इस सीमा का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, ब्लॉक/वृत्त संगठक समेत अन्य राजस्व अधिकारी निरीक्षक नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी शिकायतों की जांच कर कार्रवाई करेंगे ।
