
भोपाल: केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश पर चल रहे मतदाता सत्यापन सर्वे में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। नरेला विधानसभा क्षेत्र में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने निर्धारित कार्यस्थलों के बजाय भाजपा नेताओं के घरों में बैठकर कार्य करते पाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक मतदाताओं को दो आवेदन फार्म दिए जाने चाहिए, लेकिन कई बीएलओ केवल एक फार्म दे रहे हैं और लोगों से उसकी फोटो कॉपी कराने को कह रहे हैं। शिकायत मिलने पर कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला मौके पर पहुंचे और संबंधित बीएलओ से सवाल-जवाब किए।
बूथ क्रमांक 210 के बीएलओ देवेंद्र जाटव को केवल एक फार्म वितरित करते पाया गया, जबकि बूथ क्रमांक 201 के बीएलओ हेमंत कुमार यादव ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो शुक्ला ने घटना की जानकारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता को फोन पर दी, जिन्होंने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कई सुपरवाइजरों ने भी भुवन गुप्ता को बताया कि बीएलओ नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और अपने हिसाब से फार्म वितरित कर रहे हैं। शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर नरेला विधानसभा के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मतदाताओं को जानबूझकर सर्वे प्रक्रिया से अलग किया जा रहा है ताकि उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें।
शुक्ला ने इस मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस अवसर पर अहमद ख़ान, तारिक अली, फ़हीम बख़्श, अमित खत्री, विजेंद्र शुक्ला, अनस-उर-रहमान, अमजद लाला, अनूप पांडे, अलीम उद्दीन, क़ाज़ी आसिफ और जुनैद ख़ान मौजूद थे।
