मुंबई | बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार ने हाल ही में एक शो के दौरान अपने करियर के शुरुआती संघर्षों पर खुलकर बात की। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि एक दौर ऐसा भी था जब वे और अभिनेता परमीत सेठी साथ मिलकर काम की तलाश में भटकते थे। अक्षय ने साझा किया कि वे दोनों मशहूर फिल्ममेकर सुभाष घई के दफ्तर के बाहर घंटों इस उम्मीद में बैठे रहते थे कि शायद कोई मौका मिल जाए। अक्षय के अनुसार, वह समय भले ही अनिश्चितताओं से भरा था, लेकिन आज वही दिन उनके जीवन के सबसे यादगार और कीमती अनुभव बन गए हैं।
इसी बातचीत के दौरान अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह ने भी अपनी कुछ निजी आदतों का खुलासा किया, जिन्हें लोग अक्सर ‘कंजूसी’ समझ लेते हैं। अर्चना ने बताया कि वे संसाधनों की बर्बादी रोकने में विश्वास रखती हैं, इसलिए रेस्तरां में मिलने वाले टिश्यू पेपर से लेकर 30 साल पुराने कपड़ों तक को संभालकर रखती हैं। अर्चना के मुताबिक, फैशन हमेशा लौटकर आता है और पुरानी चीजों को सहेजकर रखना समझदारी का काम है। शो में माहौल तब और मजेदार हो गया जब अक्षय कुमार ने चुटकी लेते हुए अर्चना से होटल के बाथरोब को लेकर मजाकिया सवाल पूछा।
अक्षय कुमार और अर्चना ने इस बात पर सहमति जताई कि संघर्ष के दिनों की मेहनत ही आज की सफलता का आधार है। अर्चना ने याद दिलाया कि कैसे संघर्ष के बाद अक्षय और परमीत सेठी ने सुपरहिट फिल्म ‘धड़कन’ में साथ काम किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। अक्षय ने भावुक होते हुए कहा कि बिना काम के उन गलियों में भटकना ही आज उन्हें जमीन से जुड़े रहने में मदद करता है। यह बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जहाँ फैंस अक्षय कुमार की सादगी और अर्चना के व्यवहारिक नजरिए की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

