प्राकृतिक खेती के लिए सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान बनीं प्रशिक्षु, महिला किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए किया प्रेरित

आलीराजपुर. देशभर में चल रहे प्राकृतिक खेती अभियान के बीच आलीराजपुर की सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान ने एक प्रेरणादायक पहल करते हुए स्वयं प्रशिक्षु छात्रा बनकर ग्रामीण महिला किसानों के साथ प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाली जैविक खाद एवं प्राकृतिक कीटनाशकों के निर्माण और उपयोग की विधियों को समझने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र आलीराजपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

सांसद श्रीमती चौहान के अनुरोध पर कृषि विज्ञान केंद्र, आलीराजपुर द्वारा 6 से 8 जून तक तीन दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. राकेश यादव ने बताया कि प्रशिक्षण में जिले की 30 ग्रामीण महिला किसानों ने भाग लिया और प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. बी.एल. प्रजापति, डॉ. सुभाष रावत, डॉ. एम.के. गुप्ता, डॉ. मुकेश बेनल तथा डॉ. सुदीप तोमर ने प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती की उपयोगिता, जैविक खाद एवं प्राकृतिक कीटनाशकों के निर्माण की विधियों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही सभी प्रतिभागियों को केंद्र में विशेष रूप से विकसित प्राकृतिक खेती परिसर का भ्रमण भी कराया गया।

कार्यक्रम में केंचुआ खाद, जीवामृत, बीजामृत, निमास्त्र तथा पाँच पत्ती काढ़ा जैसे प्राकृतिक उत्पादों के निर्माण, उपयोग एवं खेती में उनके लाभों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर डॉ. राकेश यादव ने सांसद द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए बताया कि प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण, भूमि स्वास्थ्य सुधार तथा किसानों एवं उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।

सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान ने कहा कि खेती में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है, मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा पर्यावरण प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है। इसके साथ ही कृषि लागत में वृद्धि होने से किसानों का लाभ भी कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती इन सभी चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करती है। उन्होंने उपस्थित महिला किसानों को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्राकृतिक खेती संबंधी सोच एवं संकल्प से अवगत कराया तथा स्वयं प्राकृतिक खेती अपनाने के साथ सभी किसानों को भी इसे अपनाने का संकल्प दिलाया।

 

कार्यक्रम के दौरान डीएससी के जितेंद्र गोयल एवं मनीष गिरधानी ने पोषण वाटिका एवं बीआरसी से संबंधित जानकारी साझा करते हुए जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उक्त जानकारी केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ राकेश यादव द्वारा दी गई।

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