इंदौर: पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अपराध नियंत्रण और समाज में सकारात्मक माहौल बनाने के उद्देश्य से लगातार नवाचार किए जा रहे हैं. जिसके तहत हीरानगर थाना परिसर में बाणगंगा और हीरानगर क्षेत्र के गुंडे, निगरानीशुदा व आदतन अपराधियों की विशेष पुलिस पाठशाला आयोजित की गई.एएसपी रुबिना मिजवानी ने बताया कि इस कार्यक्रम में डीसीपी जोन 3 अभिषेक रंजन और एडिशनल डीसीपी जोन 3 रामस्नेही मिश्रा की मौजूदगी में थाना प्रभारी व बीट अधिकारियों ने सभी को अपराध के दुष्परिणामों और उससे होने वाले सामाजिक व पारिवारिक नुकसान के बारे में समझाइश दी.
इस दौरान कई अपराधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अपराध की दुनिया में आने के बाद उन्हें सामाजिक उपेक्षा, पारिवारिक तनाव और कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. उनके अनुभवों से अन्य लोगों को भी अपराध से दूर रहने की प्रेरणा मिली. अधिकारियों ने कहा कि सच्चा पश्चाताप केवल अपराध छोड़ने में नहीं, बल्कि अपने मोहल्ले के युवाओं को भी गलत रास्ते पर जाने से रोकने में है. इसी उद्देश्य से सभी 87 आदतन अपराधियों ने सामूहिक रूप से मेरा मोहल्ला नो हो हल्ला का संकल्प लिया.
उन्होंने वचन दिया कि वे खुद अपराध से दूर रहेंगे, अपने क्षेत्र में अपराध को बढ़ावा नहीं देंगे और किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देंगे. साथ ही सभी को अपने अपने बीट अधिकारियों के संपर्क में रहकर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया. अधिकारियों ने बीट प्रभारियों को भी मेरी बीट सबसे ठीक अभियान के तहत अपने क्षेत्रों को अपराधमुक्त बनाने के निर्देश दिए. कार्यक्रम में शामिल सभी 87 अपराधियों के डोजियर भरवाए गए और रेड व येलो नोटिस की तामील कराकर भविष्य में अपराध न करने की सख्त हिदायत दी गई.
