इंदौर:शहर के सबसे पुराने क्रिश्चियन कॉलेज की जमीन अब सरकारी घोषित हो गई है. कलेक्टर ने 4 सौ करोड़ रुपए की जमीन का तीन दिन में कब्जा लेने आदेश मातहत अधिकारियों को दिए है. खास बात यह है उक्त जमीन का टीएनसीपी नक्शा मंजूर नहीं करने के भी कलेक्टर ने आदेश दिए थे.शहर के करीब 140 साल पुराने क्रिश्चियन कॉलेज की जमीन अब नजूल की जमीन हो गई है. उक्त आदेश कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रकरण की तहकीकात और शर्तो के आधार पर किए हैं.
मामला यह है कि क्रिश्चियन कॉलेज की जमीन महाराजा होलकर ने शैक्षणिक और हॉस्पिटल उपयोग के लिए बिना किराया भुगतान के निःशुल्क खसरा नंबर 407/1669/3 की 68..303 एकड़ जमीन ईसाई मिशनरी को दी थी. उक्त फाइल एसडीएम, तहसीलदार सहित कई जगहों पर अनुमति दिए जाने को लेकर चल रही थी. इस मामले में कलेक्टर ने एसडीएम जूनी इंदौर और तहसीलदार को जांच करने और रिपोर्ट देने का कहा था. रिपोर्ट में महाराजा होलकर के बाद जमीन का मालिकाना हक उसके उत्तराधिकारी का होगा. वर्तमान में उक्त जमीन मध्यप्रदेश शासन की मानी जा रही है. इस कारण उक्त जमीन का प्रकरण कलेक्टर राजस्व न्यायालय में चल रहा था. कल कलेक्टर शिवम वर्मा ने क्रिश्चियन कॉलेज की 68 एकड़ से ज्यादा जमीन को सरकारी घोषित कर दिया.
कॉलेज और स्वास्थ्य गतिविधि बंद
साथ ही जूनी इंदौर एसडीएम प्रदीप सोनी और नायब तहसीलदार कमलेश कुशवाह को 4 सौ करोड़ रुपए मूल्य की जमीन का कब्जा लेने का आदेश दिया है. उक्त जमीन पर कॉलेज और स्वास्थ्य की गतिविधि बंद हो गई है.
नायब तहसीलदार कमलेश कुशवाह ने बताया कि सरकार से अनुदान भी बंद हो चुका है. वर्तमान में उक्त जमीन का उद्देश्य पूरा नहीं होने से कलेक्टर ने नजूल जमीन घोषित करने की कारवाई की है. कब्जा लेने के आदेश दिए है
