मुंबई | विक्की कौशल स्टारर फिल्म ‘छावा’ के संगीतकार एआर रहमान द्वारा फिल्म को ‘बांटने वाली’ (Divisive) बताने के बाद फिल्म जगत में हलचल तेज हो गई है। अब फिल्म के लेखक ऋषि विरमानी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए चुप्पी तोड़ी है। विरमानी ने स्पष्ट किया कि फिल्म का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक तथ्यों को पर्दे पर उतारना है, न कि समाज में फूट डालना। उन्होंने तर्क दिया कि दर्शक बहुत समझदार हैं और कुछ घंटों का सिनेमा किसी की विचारधारा को रातों-रात नहीं बदल सकता। मेकर्स के अनुसार, फिल्म को मिल रहा जबरदस्त जनसमर्थन ही इसकी सफलता और सही नीयत का सबसे बड़ा प्रमाण है।
विवाद तब शुरू हुआ जब एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में बॉलीवुड के बदलते पावर स्ट्रक्चर पर टिप्पणी करते हुए अपनी ही फिल्म ‘छावा’ की आलोचना कर दी। इस पर ऋषि विरमानी ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज एक ऐसी महान ऐतिहासिक शख्सियत हैं, जिनका बलिदान हर भारतीय तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह फिल्म संभाजी महाराज की वीरता और उनके संघर्ष को समर्पित है। मेकर्स का मानना है कि फिल्म को किसी राजनीतिक या सामाजिक बंटवारे के चश्मे से देखना गलत है, क्योंकि इसका एकमात्र लक्ष्य एक महान योद्धा की सिनेमाई पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है।
ऋषि विरमानी ने अपने बयान में यह भी कहा कि सिनेमा मनोरंजन का एक माध्यम है और दर्शक अपनी स्वतंत्र सोच रखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘छावा’ न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी लोगों के दिलों में जगह बनाएगी और संभाजी महाराज के बलिदान की कहानी घर-घर तक पहुँचेगी। रहमान के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी दो फाड़ नजर आ रहे हैं, जहाँ एक तरफ लोग उनकी कला का सम्मान कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अपनी ही फिल्म की आलोचना करने पर उन्हें ट्रोल भी किया जा रहा है। फिलहाल, मेकर्स के इस जवाब ने विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है।

