विदिशा: नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष प्रीति राकेश शर्मा और पार्षदों के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है. गुरुवार को भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद एकजुट होकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा. ज्ञापन के साथ सभी पार्षदों ने अपने आधार कार्ड की छायाप्रति पर हस्ताक्षर भी किए.
कलेक्टर ने पार्षद प्रतिनिधियों को सुनवाई के दौरान चैंबर में रखा, जबकि अन्य लोगों को बाहर भेज दिया. इस घटनाक्रम में खास बात यह रही कि प्रीति शर्मा के कुछ समर्थक पार्षद भी अविश्वास प्रस्ताव में शामिल रहे.
सूत्रों के अनुसार, संगठन ने उन्हें तीन विकल्प दिए थे चार्ज उपाध्यक्ष को देना, इस्तीफा देना या अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना. शर्मा ने तीसरा विकल्प चुना.अब खाली कुर्सी-भरी कुर्सी चुनाव की संभावना बन गई है. हाल ही में शासन द्वारा राइट टू रिकॉल प्रावधान में संशोधन किया गया है, जिसके तहत अध्यक्ष का चयन अब जनता द्वारा किया जाएगा. प्रस्ताव शासन को भेजने के बाद निर्वाचन आयोग चुनाव की तारीख तय करेगा.
प्रीति शर्मा ने कहा, जनता ने हमें चुना है और अंतिम निर्णय भी जनता ही करेगी. कुछ लोग काम में लगातार बाधा डाल रहे हैं. वहीं नपा सीएमओ दुर्गेश ठाकुर ने स्पष्ट किया कि अविश्वास प्रस्ताव का अंतिम निर्णय राज्य शासन के पास होगा.सूत्रों के अनुसार, सभी 37 पार्षद पहले एक होटल में जुटे, जहां रणनीति बनाई और फिर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने बताया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल तीन पार्षदों को नोटिस जारी किया गया है. कांग्रेस पार्षद राजेश माहेश्वरी ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव सामूहिक प्रयासों का परिणाम है.
