
इंदौर। कलेक्टर ने 50 लाख के रिश्वत मांगने के मामले में भांग्यां के पटवारी को सस्पेंड कर दिया। वहीं नायब तहसीलदार के खिलाफ जांच करने के आदेश एसडीएम को दिए है।
मामला इस प्रकार है कि इंदौर उज्जैन रोड पर एक होटल व्यवसाई की जमीन के नामांतरण प्रकरण से जुड़ा है। भांग्या के पटवारी ओम त्रिपेश और नरब तहसीलदार नागेश त्रिपाठी एक साथ दलाल शान पटेल के बीच रिश्वत गठबंधन को लेकर कलेक्टर परिसर में चर्चा फैल गई।
कुछ ही समय पटवारी के साथ बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया । ऑडियो में 50 लाख रिश्वत नामांतरण करने के लिए मांगने की चर्चा है। पटवारी ने होटल व्यवसाई को रेजिडेंसी भी बुलाया और वहां गलत तरीके से दबाव बनाकर पैसे मांगे।
इसकी जानकारी कलेक्टर आशीष सिंह को लगी और उन्होंने ऑडियो सुनने के बाद पटवारी ओम त्रिपेश को सस्पेंड कर दिया। वहीं नायब तहसीलदार नागेश त्रिपाठी के खिलाफ एसडीएम को जांच करने के आदेश दिए है।
इस मामले में नायब तहसीलदार नागेश त्रिपाठी ने कहा कि मेरा इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। मैं किसी शान पटेल को नहीं जनता हूं । पटवारी ने किस प्रकरण में 50 लाख मांगे इसकी भी मुझे जानकारी नहीं है। मामला चर्चा में आने के बाद में मैनेफाइल खुलवाई है, जिसमे पार्टी गलत तरीके से नामांतरण करवाना चाहती है। जांच का जवाब वरिष्ठ अधिकारियों को दे दूंगा।
