इंदौर: नगर निगम आज से शहर में डिजिटल पता योजना शुरू कर देगा. उक्त योजना में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत वार्ड 82 का चयन किया गया है. उक्त वार्ड में महापौर का निवास भी है. निगम की इस योजना के तहत हर घर का एक क्यूआर कोड होगा. क्यूआर कोड स्कैन करते ही निगम की 20 से ज्यादा सेवाएं मोबाइल स्क्रीन पर नजर आएगी. उक्त योजना कर शुरू होने के साथ इंदौर भारत सरकार के डीजी पिन से जुड़ने वाला पहला शहर बन जाएगा.
नगर निगम आज से वार्ड 82 में डिजिटल पता शुरू करने जा रहा है. इस योजना के नगर निगम द्वारा पायलेट प्रोजेक्ट के तहत 20 से ज्यादा विभिन्न सेवाएं मोबाइल पर क्लिक करते ही नजर आएगी. वर्तमान में निगम आज वार्ड 82 में संपत्ति कर, जलकर, कचरा शुल्क, बिजली, शिकायत दर्ज करना, प्रमाणपत्र और दस्तावेज मांग की सेवाएं शुरू कर रहा है. आने वाले कुछ दिनों में निगम पोर्टल पर 20 सेवाएं मिलेगी.
नगद निगम कुछ महीनों में शहर की 7 लाख संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से पोर्टल पर अपलोड कर देगा. हर घर और उसके पते का क्यूआर कोड होगा. यह क्यूआर कोड निजी होगा. क्यूआर कोड स्कैन करते ही निगम के बकाया या जमा की जानकारी तुरंत मोबाइल पर ही मिल जाएगी. निगम की उक्त सेवाएं पूर्णतः निशुल्क होगी. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि डिजिटल पता पायलट प्रोजेक्ट वार्ड 82, ज़ोन 14 से शुरू होगा. आने वाले महीनों में शहर की 7 लाख से अधिक संपत्तियों पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. अभी कुछ सेवाएं चालू की गई हैं, जिन्हें जल्द ही अन्य शहरी सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा.
महापौर का जनता को संदेश
नया इंदौर, नया पता और डिजिटल पता. अब न नगर निगम के चक्कर, न लंबी कतारें होगी. नगर निगम की हर सेवा बस एक स्कैन पर मिलेगी.
