
भोपाल। मप्र से राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तंखा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भाजपा और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या बताया।
तंखा ने अपने पोस्ट में कहा कि देश में पहले वोट चोरी की चर्चा होती थी, लेकिन अब मामला सीट चोरी तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तकनीकी आधार पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करते हुए खारिज किया गया है। उनके अनुसार यह केवल एक उम्मीदवार का नामांकन निरस्त होने का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और न ही कोई एफआईआर दर्ज हुई है। तंखा के अनुसार केवल एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उनसे और अन्य लोगों से 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा गया था। इस नोटिस का जवाब मीनाक्षी नटराजन के वकील द्वारा पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है।
तंखा ने दावा किया कि ऐसे नोटिस को आपराधिक प्रकरण बताकर नामांकन निरस्त करने का आधार बनाना गलत है और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस अब इस पूरे मामले को राजनीतिक और कानूनी स्तर पर उठाने की तैयारी में है।
