सिंगरौली: कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशानुसार एवं ननि आयुक्त सविता प्रधान के मार्गदर्शन में नगर निगम सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं हितधारकों के क्षमतावर्धन के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यशाला में एनसीएल, एनटीपीसी, महान एनर्जेन लिमिटेड, मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों, होटल एवं मैरिज गार्डन संचालकों, रहवासी कल्याण समितियों, बाजार समितियों तथा अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त आरपी बैस के स्वागत उद्बोधन से हुआ।
इस अवसर पर आईईसी मैनेजर आशीष शुक्ला ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी देते हुए नियमों के प्रभावी पालन, कचरा पृथक्करण, अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली तथा केंद्रीकृत पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया से प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यशाला में बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के तहत बड़े ठोस अपशिष्ट उत्पादकों का केंद्रीकृत पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा। ऐसे संस्थान जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं, अथवा जिनका निर्मित क्षेत्रफल 2,000 वर्गमीटर या उससे अधिक है, अथवा जहां प्रतिदिन 40 हजार लीटर या उससे अधिक पानी का उपयोग होता है, उन्हें बड़े अपशिष्ट उत्पादक की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। ऐसे संस्थानों के लिए अपने परिसर में ही गीले कचरे का वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित निष्पादन करना अनिवार्य होगा।
