

भोपाल। रंगों के पर्व होली से पूर्व राजधानी भोपाल में आज रात शहर के विभिन्न इलाकों में पारंपरिक विधि-विधान से होलिका दहन किया गया। कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थलों पर शाम से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। शुभ मुहूर्त में भद्रा शुरू होने से पहले विधि-विधान के साथ होलिका की पूजा-अर्चना कर अग्नि प्रज्ज्वलित की गई।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने होलिका की परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कई स्थानों पर सामाजिक समितियों द्वारा विशेष आयोजन किए गए।
होलिका दहन के साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद की भक्ति और आस्था की रक्षा के लिए भगवान ने उन्हें अग्नि से सुरक्षित रखा और अत्याचारिणी होलिका का अंत हुआ। इसी प्रतीक के रूप में हर वर्ष होलिका दहन किया जाता है।
होलिका दहन के बाद युवाओं और बच्चों में होली को लेकर खासा उत्साह देखा गया। बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी भी जोरों पर रही। अब शहर में दो दिन धूमधाम से रंगों की होली खेली जाएगी।
