
चैनसिंह सोलंकी नीमच। नीमच जिले के भाटखेड़ा गांव में स्थित एक निजी कॉलेज के छात्रों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2022-23 में BBA में प्रवेश लेने वाले छात्रों की स्कॉलरशिप राशि कॉलेज प्रशासन ने उनके बैंक खातों से बिना अनुमति निकाली।
छात्रों का कहना है कि प्रवेश के समय कॉलेज प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि तीन साल की पढ़ाई पूरी होने पर प्लेसमेंट की सुविधा मिलेगी। इसके भरोसे नीमच और आसपास के गांवों जैसे भावरसा, केलुखेड़ा, मेलकी, मेवाड़ के छात्रों ने दाखिला लिया।
BBA सत्र के दो साल पूरे होने के बाद अचानक कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के खाते से स्कॉलरशिप राशि निकाल दी और उन्हें पढ़ाई दूसरी जगह करने के लिए कह दिया। छात्रों ने दोपहर में कॉलेज गेट पर दो घंटे तक नारेबाजी कर आंदोलन किया।
छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और कई छात्रों को प्लेसमेंट के नाम पर केवल फोटो खिंचवाकर समाचार पत्रों में प्रकाशित किया, जबकि उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कॉलेज एजेंट दीपक नागदा गांव-गांव जाकर एडमिशन करवाता है और लोगों को गुमराह करता है।
इसके अलावा छात्रों ने बताया कि कॉलेज में उनकी BBA कोर्स की केवल दो साल की मान्यता थी और ट्रांसफर की अंतिम तिथि 20 सितंबर थी, जो निकल चुकी है। अब कॉलेज प्रशासन का कहना है कि अगली साल के कोर्स के लिए ट्रांसफर में सहयोग किया जाएगा और छात्रों को प्रमोशन ग्रेड देने के बाद ही एडमिशन की उम्मीद है।
जिला पंचायत अध्यक्ष सजन सिंह मौके पर पहुंचे और छात्रों व अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्रों ने बात नहीं मानी। छात्र पवन, अंकित सिंह, वीरेंद्र माली, कमल सिंह, साहिल, योगेश, जयंत पाटीदार, साक्षी, राधा और रेणुका पाटीदार ने बताया कि उनकी स्कॉलरशिप राशि बिना उनकी जानकारी के निकाली गई।
कॉलेज प्रबंधक संजय मंगल ने कहा कि इस साल BBA कोर्स की मान्यता नहीं है, लेकिन छात्रों को अगले साल के कोर्स में ट्रांसफर में सहयोग किया जाएगा।
